किशनगंज : देर शाम को कार्यपालक सहायकों का हड़ताल समाप्त हो गया है. इससे पहले वो भूख हड़ताल पर थे. विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार से कार्यपालक एवं इंदिरा आवास सहायकों आमरण अनशन पर बैठ गये है. बेएसा संघ के अध्यक्ष मो. वसीम ने बताया कि लगातार सात दिन तक हड़ताल पर रहने के बाद भी सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल शुरू नहीं करने के कारण आमरण अनशन प्रारंभ किया गया.
हड़ताल देर शाम समाप्त, सुबह से भूख हड़ताल पर थे सहायक
किशनगंज : देर शाम को कार्यपालक सहायकों का हड़ताल समाप्त हो गया है. इससे पहले वो भूख हड़ताल पर थे. विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार से कार्यपालक एवं इंदिरा आवास सहायकों आमरण अनशन पर बैठ गये है. बेएसा संघ के अध्यक्ष मो. वसीम ने बताया कि लगातार सात दिन तक हड़ताल पर रहने के बाद […]

इसके बावजूद प्रशासन के अधिकारी चुप बैठे हैं. कहा कि जबतक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा. बताते चले कि कार्यपालक सहायकों की सेवा नियमित व स्थायीकरण, सातवें वेतन के पुनरीक्षण के आधार पर मानदेय भुगतान, नियोजित कार्यपालक सहायकों के लिए सेवा शर्त नियमावली बनाने जैसी मांगों को ले धरना व अनशन शुरू किया गया है. आमरण अनशन पर बैठने वालों में संघ के जिला संयोजक इफ्तेखार हुसैन, अध्यक्ष मो. वसीम, सचिव शिवाशीष सिंह, मो. नावेद, विनोद मंडल शामिल है.
वहीं धरनार्थियों को संबोधित करने वालों में नवीन कुमार बोसाक, गौतम कुमार सिन्हा, सूरज प्रधान, माया शंकर, अमित पौद्दार, वसीम अकरम, इकरामूल हक, भोला बसाक, अभिनंदन यादव, रौशन गांधी, ब्रजेश, राजा बाबू, राहुल कुमार, सहरूल, मो. अफताब, राधेश्याम, सुरेश राय, अनिल सिन्हा समेत कई अन्य कार्यपालक व इंदिरा आवास सहायक शामिल थे.
हड़ताल से कामकाज बाधित
बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ के आह्वान पर कार्यपालक सहायकों का अनिश्चितकालीन हड़ताल आठवें दिन भी जारी रहा. बता दें कि कार्यपालक सहायकों ने पांच सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल हैं. इसके कारण विभिन्न कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हो रहा है. जिला संयोजक ने कहा कि इफ्तेखार आलम ने कहा कि सरकार कार्यपालक सहायकों के मांग को लेकर पूरी तरह उदासीन है. उन्होंने कहा की अपनी वाजिब मांग को पूरा करने को लेकर आंदोलन कर रहे कर्मियों पर चयनमुक्त की कार्रवाई का निर्देश देकर सरकार आंदोलन को दबाना चाहती है. लेकिन मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा. आंदोलनकारी किसी धमकी से डरने वाले नहीं हैं.