किशनगंज : जिले में बिजली तार चोर गिरोह ने सरकार को करीब 50 लाख रुपए का सीधा नुकसान पहुंचाया है. किशनगंज गाछपाड़ा से लेकर पोठिया के पहाड़कट्टा के बीच करीब डेढ़ वर्षों से लगातार बिजली तार की चोरी धड़ल्ले से जारी थी. लेकिन विगत दो दिन पूर्व पोठिया पुलिस की कार्रवाई के बाद से बिजली तार चोर गिरोह में हड़कंप मचा है. बिजली तार के 10 चोर पकड़े जाने के बाद से विभिन्न चौक चौराहों, हाट बाजारों में कई तरह के चर्चा हो रही है. स्थानीय लोग पोठिया पुलिस की इस कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए पावर ग्रीड लिमिटेड कंपनी के कर्मियों की संलिप्तता की आशंका जता रहा हैं. लोगों की मानना है कि बिना तालमेल के पावर ग्रीड के बिजली तार की चोरी कैसे संभव हो सकती है. यह चोरी का खेल करीब डेढ़ वर्षों से जारी है.
तार चाेरी में कई सफेदपोश हो सकते हैं बेनकाब
किशनगंज : जिले में बिजली तार चोर गिरोह ने सरकार को करीब 50 लाख रुपए का सीधा नुकसान पहुंचाया है. किशनगंज गाछपाड़ा से लेकर पोठिया के पहाड़कट्टा के बीच करीब डेढ़ वर्षों से लगातार बिजली तार की चोरी धड़ल्ले से जारी थी. लेकिन विगत दो दिन पूर्व पोठिया पुलिस की कार्रवाई के बाद से बिजली […]

सूत्र की मानें तो एसडीपीओ के पूछताछ में गिरफ्तार चोरो ने गिरोह के करीब दो दर्जन सदस्यों का नाम बताया है.चोर द्वारा बताए गए लोगों की पहचान की जा रही है. पुलिस द्वारा इस मामले में गंभीरता से अनुसंधान करे तो इस बिजली तार चोर गिरोह का जड़ से सफाया हो जाएगा. जिलावासियों को पुलिस के कार्य प्रणाली पर भरोसा है. लोगों की माने तो जिले में बिजली तार चोरी का यह खेल किशनगंज व पोठिया थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहा था. कई बार स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना भी दी लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से तार चोर गिरोह सक्रिय होकर अपना जमात बढ़ाने लगा. दो दिन पूर्व पोठिया पुलिस को भी ग्रामीणों ने ही सूचना दी. उसके बाद त्वरित करवाई करते हुए पिकअप वैन पर लदे 20 कुंटल बिजली के तार के साथ तीन चोर को पकड़ा. बाद में पकड़े गए चोर के निशानदेही पर 7 चोर को गिफ्तार किया गया.
बंगाल के कई बाजार इस धंधे में शामिल
बिजली तार चोरी का मुख्य सरगना पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर के पांजीपाड़ा, इस्लामपुर एवं शाहपुर में है. चोरी के तार को बंगाल में बेचा जाता है. अंतरराष्ट्रीय तार चोर गिरोह के साथ लोकल चोर की संलिप्तता से लाखों का बिजली तार का नुकसान सरकार को हुआ है. बंगाल में ही तार को खरीद कर गलाया जाता है. तार के साथ साथ कई प्रकार के गैरकानूनी कार्य इन इलाकों में घर बना लिया है.