रक्षाबंधन पर खान सर का ऐलान- खोलेंगे अनाथ आश्रम

VIDEO: रक्षाबंधन पर खान सर का ऐलान- कैंसर अस्पताल के बाद अब अनाथ आश्रम खोलेंगे, बच्चों को अकेलापन महसूस नहीं होने देंगे

रक्षाबंधन के मौके पर खान सर के निवास पर छात्राओं का सैलाब उमड़ पड़ा. उनकी कलाई पर 5 किलो तक की राखियां बंधीं. इस अवसर पर उन्होंने अनाथ आश्रम खोलने का ऐलान किया.

Khan sir Rakhi Celebration 2026 : भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन बिहार में भी पूरे उत्साह के साथ मनाया गया. लेकिन पटना में इस त्योहार का एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया. मशहूर शिक्षक खान सर को राखी बांधने के लिए इस बार भी बड़ी संख्या में छात्राएं पहुंचीं. एक के बाद एक छात्राओं ने उनकी कलाई पर राखियां बांधीं और देखते ही देखते उनका हाथ राखियों से पूरी तरह भर गया.

5 किलो तक पहुंचा राखियों का वजन, हाथ उठाना हुआ मुश्किल

खान सर की छात्राओं में रक्षाबंधन पर राखी बांधने की परंपरा हर साल देखने को मिलती है. इस बार भी हजारों छात्राओं के पहुंचने के बाद उनकी कलाई पर राखियों की मोटी परत जम गयी. बताया जा रहा है कि सभी राखियों का वजन करीब 5 किलो तक पहुंच गया. राखियों का वजन इतना अधिक हो गया कि खान सर के लिए अपना हाथ उठाना भी मुश्किल हो गया.

हजारों छात्राओं ने शिक्षक को बांधी राखी

सुबह से ही खान सर के यहां छात्राओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा. हाथों में राखी और पूजा की थाली लेकर पहुंचीं छात्राएं अपने शिक्षक की कलाई पर राखी बांधने को लेकर उत्साहित दिखीं. खान सर भी छात्राओं से राखी बंधवाते नजर आये. पूरे परिसर में उत्साह और खुशी का माहौल रहा.

सिर्फ राखी नहीं, गुरु के प्रति सम्मान का रिश्ता

खान सर के लिए रक्षाबंधन का यह आयोजन केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं है. बड़ी संख्या में छात्राएं उन्हें अपना गुरु मानती हैं और इस दिन उनके प्रति सम्मान, स्नेह और विश्वास जाहिर करती हैं. समय के साथ छात्राओं का यह आयोजन खान सर और उनके विद्यार्थियों के बीच एक खास परंपरा बन चुका है.

खान सर बोले- बहनों के सपनों में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए

रक्षाबंधन के मौके पर खान सर ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बहनों के सपनों में कोई बाधा नहीं बननी चाहिए. उनके सपनों का सम्मान किया जाना चाहिए और उन्हें खुलकर आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि परिवार और समाज की बंदिशें बेटियों के सपनों पर नहीं थोपी जानी चाहिए और उनकी राय को भी महत्व दिया जाना चाहिए.

कैंसर अस्पताल के बाद अब अनाथ आश्रम खोलने का ऐलान

रक्षाबंधन पर खान सर ने इस बार एक और बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि वह अनाथ आश्रम खोलने जा रहे हैं. उनका कहना था कि जिन बच्चों का कोई परिवार नहीं है, उनके अकेलेपन को दूर करने और बेहतर भविष्य देने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है.

अनाथ बच्चों को शिक्षा से लेकर रोजगार तक का सहारा देने की योजना

खान सर ने बताया कि अनाथ आश्रम में रहने वाले बच्चों को उनके संस्थान के माध्यम से शिक्षा उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी. अगर कोई बच्चा डॉक्टर बनना चाहता है तो उसे उस दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा, नर्सिंग या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बच्चों को भी सहयोग दिया जाएगा. उनका उद्देश्य बच्चों को शिक्षा और करियर के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है.

‘बच्चों को अकेलापन महसूस नहीं होने देंगे’

खान सर ने कहा कि अनाथ आश्रम में रहने वाले बच्चों को अकेलापन महसूस नहीं होने दिया जाएगा. उनके संस्थान में पढ़ने वाले दूसरे बच्चे उनके साथ घुल-मिलकर रहेंगे. इससे अनाथ बच्चों को परिवार जैसा माहौल देने की कोशिश की जाएगी.

कैंसर अस्पताल के उद्घाटन में हुआ थोड़ा विलंब

खान सर ने बताया कि पिछले रक्षाबंधन पर कैंसर अस्पताल खोलने का संकल्प लिया गया था. अस्पताल बनकर तैयार है, लेकिन पिछले कुछ समय में आयी परिस्थितियों के कारण इसके संचालन में करीब दो से ढाई महीने का विलंब हुआ है. उन्होंने कहा कि अस्पताल जल्द शुरू किया जाएगा और इसे बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के साथ संचालित करने की तैयारी है.

रक्षाबंधन पर खान सर की कलाई पर बंधी हजारों राखियां और छात्राओं की भारी भीड़ ने एक बार फिर गुरु-शिष्य के अनोखे रिश्ते की तस्वीर सामने रख दी. वहीं अनाथ आश्रम की घोषणा ने इस आयोजन को सामाजिक सरोकार से भी जोड़ दिया.

Also Read : VIDEO: राखी बांधने CM आवास पहुंचीं बहनें, सम्राट चौधरी से बोलीं- शिक्षा और सुरक्षा पर दीजिए सबसे ज्यादा जोर



प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By विवेक सिंह

विवेक सिंह की डिजिटल मीडिया और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रही है. वे बिहार के मिथिला क्षेत्र के निवासी हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 वर्षों से सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं.

उन्होंने मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई की है. शिक्षा के दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, जनसंचार, फोटो जर्नलिज्म, मोबाइल जर्नलिज्म (MOJO) और मीडिया रिसर्च की गहन समझ विकसित की है. अध्ययन के दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की, जहां उन्हें न्यूजरूम की कार्यप्रणाली, टीवी समाचार निर्माण, स्क्रिप्ट लेखन, विजुअल चयन, फील्ड रिपोर्टिग और प्रसारण प्रक्रिया को नजदीक से समझने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ.

पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनमत संग्रह (Public Opinion), सामाजिक मुद्दों की कवरेज और स्थानीय समाचारों के संकलन का व्यापक अनुभव प्राप्त किया. उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर जमीनी स्तर से रिपोर्टिंग करते हुए आम लोगों की आवाज को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य किया है.

इसके साथ ही वे NGO से जुड़कर सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं. स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवा सशक्तिकरण, धार्मिक और जनकल्याण से जुड़े अभियानों में उनकी विशेष भागीदारी रही है. समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में वे निरंतर योगदान देते रहे हैं.

वर्तमान में विवेक सिंह राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, खेल, अपराध, रियल-टाइम समाचारों, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी खबरों पर लेखन करते हैं. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization), कंटेंट प्लानिंग और ट्रेंड-आधारित समाचार लेखन की अच्छी समझ है. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, त्वरित कवरेज और कम समय में तथ्यपरक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है.

विवेक सिंह किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं. वे विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही समाचार प्रकाशित करते हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग और लेखन में सटीकता तथा विश्वसनीयता बनी रहती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाले विवेक सिंह पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >