खगड़िया जिले के चौथम प्रखंड अंतर्गत रोहियार पंचायत के वार्ड नंबर एक स्थित बलकुंडा गांव में कोसी नदी के घाट पर डूबीं दो मासूम सगी बहनों का घटना के तीसरे दिन भी कोई पता नहीं चल सका है. राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम ने रविवार को भी दिनभर मोटरबोट और पेशेवर गोताखोरों के सहारे कोसी नदी के अथाह जल में सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक दोनों बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया. घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
कपड़ा धोने के दौरान गहरे पानी में फिसला पैर
लापता बच्चियों की पहचान बलकुंडा गांव निवासी राजाकरण सिंह की 10 वर्षीय पुत्री निभा कुमारी और 8 वर्षीय पुत्री कोमल कुमारी के रूप में हुई है:
- हादसे का कारण: परिजनों के अनुसार, शुक्रवार की शाम दोनों बहनें रोजाना की तरह कोसी नदी के बलकुंडा घाट पर कपड़ा धोने गई थीं.
- नदी में समाईं: इसी दौरान घाट किनारे ढलान होने के कारण उनका पैर अचानक फिसल गया और दोनों गहरे पानी के तेज बहाव में बहकर लापता हो गईं.
- स्थानीय स्तर पर प्रयास: घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और गोताखोरों ने नदी में कूदकर बच्चियों की तलाश शुरू की थी, लेकिन सफलता नहीं मिली.
SDRF की लगातार तीसरे दिन खोज, ग्रामीणों की टिकी नजरें
शनिवार और रविवार को एसडीआरएफ की टीम ने आधुनिक संसाधनों और मोटरबोट के जरिए बलकुंडा घाट और आसपास के नदी क्षेत्र में घंटों गोता लगाकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया.
रविवार को ग्रामीण अर्पण कुमार, पिंटू कुमार, बिपिन कुमार, अमर सिंह, गणेश कुमार, कैलाश सिंह सहित दर्जनों लोग दिनभर घाट पर डटे रहे और बच्चियों के मिलने की आस में इंतजार करते रहे. देर शाम तक कोई सुराग न मिलने से परिजनों और पूरे गांव की चिंता और गहरी हो गई है.
प्रशासन से अतिरिक्त संसाधन जुटाने की मांग
घटना पर दुख व्यक्त करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता उमाकांत सिंह ने कहा कि दो मासूम बच्चियों का नदी में विलीन हो जाना अत्यंत हृदयविदारक है और पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है.
वहीं, रालोजपा के जिला प्रवक्ता अभिषेक आनंद उर्फ मन्नू ने जिला प्रशासन से मांग की कि सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ाया जाए और एसडीआरएफ को अतिरिक्त तकनीकी व मानवीय संसाधनों के साथ निरंतर अभियान चलाने का निर्देश दिया जाए.
अधिकारी का बयान
"एसडीआरएफ की टीम द्वारा तीसरे दिन भी सुबह से शाम तक कोसी नदी में लगातार खोजबीन की गई है. नदी का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण तलाश में कठिनाई आ रही है. फिलहाल लापता दोनों बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिल सका है, खोज अभियान जारी रहेगा." — रवि राज, अंचलाधिकारी (CO), चौथम
