फाइलेरिया से संबंधित जागरूकता को लेकर सेविकाओं को दिया गया प्रशिक्षण

फाइलेरिया दूसरी सबसे ज्यादा विकलांग करने वाली बीमारी है

चौथम. प्रखंड मुख्यालय स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में शनिवार को फाइलेरिया को लेकर जागरूक करने के लिए सेविकाओं को प्रशिक्षण दिया गया. इस अवसर पर पिरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम लीडर करण कुमार द्वारा उपस्थित सेविकाओं को फाइलेरिया को लेकर विस्तृत जानकारियां दी गई. साथ ही फाइलेरिया के लक्षण और उससे बचने के उपाय की जानकारियां दी गई. इस अवसर पर बताया गया कि फाइलेरिया बीमारी को आम तौर पर हाथी पांव के नाम से जाना जाता है. यह बीमारी मच्छर के काटने से होता है. फाइलेरिया दूसरी सबसे ज्यादा विकलांग करने वाली बीमारी है. बीमारी का पता चलने में पांच साल से ज्यादा लग जाता है. इधर प्रोग्राम लीडर ने कहा कि इससे बचाव को लेकर टेबलेट खिलाया जाता है. इसी को लेकर सेविकाओं को फाइलेरिया बीमारी से जागरूक करने के निर्देश दिए गए. मौके पर लेडीज सुपरवाइजर और सेविकाएं मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >