जलकौड़ा में आंगनबाड़ी सेविका, वार्ड सचिव व चौकीदारों को वंशावली बनाने की दी गई ट्रेनिंग
पंचायत के लोगों को स-समय सुचारू रूप से वंशावली निर्गत हो जाए
By Prabhat Khabar News Desk | Updated at :
खगड़िया. सदर प्रखंड के जलकौड़ा ग्राम पंचायत में सरपंच ब्रज किशोर सहनी के नेतृत्व में वंशावली अनुशंसा के लिए आंगनबाड़ी सेविका, वार्ड सचिव एवं चौकीदारों को संयुक्त रूप से प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण शिविर में ग्राम पंचायत राज जलकौड़ा के सभी पंद्रह वार्ड सचिव, दस आंगनबाड़ी सेविका एवं चौकीदारों ने भाग लिया. प्रशिक्षक सह सरपंच ब्रज किशोर सहनी ने प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि पिछले कई महीनों पहले पंचायती राज विभाग द्वारा वंशावली निर्गत के लिए विभागीय पत्र जारी कर नियमावली से अवगत कराया गया था. उन्होंने बताया कि आवेदक वंशावली के लिए कोर्ट से शपथ पत्र बनवाएंगे. वंशावली प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन पत्र पंचायत सचिव के नाम से देंगे. वंशावली प्रमाण-पत्र निर्गमन के लिए अनुशंसा प्रपत्र पांच ग्रामीण गवाह के रूप में जो उनके वंशज का नहीं हो. उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र के लोग गवाह नहीं बन सकता है. आवेदक अपने वार्ड के वार्ड सचिव,आंगनबाड़ी सेविका, चौकीदार एवं मुखिया से अनुशंसा करवाकर पंचायत सचिव को देंगे. पंचायत सचिव अधिकतम सात दिनों के अंदर अनुशंसा कर ग्राम कचहरी के न्याय सचिव को सौंपेंगे. न्याय सचिव प्राप्त आवेदन पत्र में इंगित वंशावली के प्रारूप का छाया प्रति पंचायत के सुरक्षित स्थान पर एक सप्ताह के लिए आपत्ति के लिए चिपकाएंगे. एक सप्ताह के दौरान कोई आपत्ति किन्हीं व्यक्ति द्वारा नहीं व्यक्त किया जाता है तो ग्राम कचहरी के सरपंच द्वारा वंशावली प्रमाण पत्र निर्गत कर पुनः पंचायत सचिव को सौंप दिया जाएगा. वहां से आवेदक अपना वंशावली प्राप्त करेंगे. वंशावली के लिए आवेदकों द्वारा पूर्ण प्रक्रिया संपन्न होने के उपरांत पंद्रह दिनों के अंदर निर्गत करने का प्रावधान है. लेकिन वंशावली प्रमाणपत्र निर्गमन के लिए अनुशंसा प्रपत्र में शामिल जन प्रतिनिधि एवं पंचायत के सरकारी कर्मी को विभाग की ओर से न ही कोई पत्र मिला और न ही कोई प्रशिक्षण. जिसके कारण पंचायत के लोगों को स-समय वंशावली प्राप्त नहीं हो रहा है. लोगों को महीनों दिन चक्कर लगाना पड़ रहा है. जबकि बिहार सरकार द्वारा करवाया जा रहा भूमि सर्वे में जरूरी दस्तावेजों में सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज वंशावली है. पंचायत के लोगों को स-समय सुचारू रूप से वंशावली निर्गत हो जाए. इसलिए ग्राम कचहरी के सरपंच अर्थात अपने कर्तव्यों का निर्वहन संपूर्ण आस्था के साथ निभाने के लिए बिना किसी विभागीय आदेश के अनुशंसा में सम्मिलित जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत के सरकारी कर्मियों को प्रशिक्षित के लिए प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया. मौके पर ग्राम कचहरी के न्याय सचिव फिरोजी रहमानी, वार्ड सचिव नीरज राम, चिंतामणि कुमार, राजीव ठाकुर, विकास मित्र गोविंद राम, सफाई कर्मी विकास रजक आदि मौजूद थे.
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