-एसटीएफ व अलौली थाना पुलिस तथा डीआईयू की टीम ने की छापेमारी
खगड़िया. अलौली थाना पुलिस व डीआईयू के सहयोग से एसटीएफ ने तीन हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया. एएसपी मकुल कुमार रंजन ने प्रेसवार्ता कर कहा कि पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देशानुसार हथियार तस्करी एवं तस्करों पर नकेल कसने के लिए लगातार छापामारी अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में अलौली थाना क्षेत्र के मोरकाही निवासी सुरेश यादव पिता कीरो यादव के घर में छापेमारी की गयी. छापेमारी के दौरान सुरेश यादव के घर से एक पिस्टल, एक कट्टा, 22 जिंदा कारतूस, 01 मोबाईल, एवं 18 पीस सिम कार्ड (बिना चालू) बरामद किया गया. साथ ही तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया. एएसपी ने बताया कि मोरकाही निवासी सुरेश यादव, अलौली थाना क्षेत्र के संझौती निवासी उमेश यादव के पुत्र मुकुट कुमार, मोरकाही निवासी बालेश्र्वर यादव के पुत्र प्रहलाद कुमार को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार तस्कर के विरुद्ध अलौली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. तस्कर के खिलाफ कांड संख्या 450/26 दर्ज कर सभी पहलुओं पर विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है. इनके आपराधिक इतिहास का पता लगाया जा रहा है. छापेमारी दल में अलौली थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक सुमंत कुमार शर्मा, डीआईयू टीम एवं एसटीएफ पटना अभियान में शामिल थे. फरकिया का भू- माफिया के नाम से प्रसिद्ध है सुरेशमोरकाही निवासी सुरेश यादव फरकिया में भू- माफिया के नाम से प्रसिद्ध है. सुरेश यादव फरकिया इलाके में जबरन जमीन कब्जा करता रहा है. सुरेश के विरुद्ध अलौली ही नहीं सहरसा जिले में भी नामजद अभियुक्त है. स्थानीय लोगों ने बताया कि कुख्यात रामानंद यादव की हत्या के बाद उनके दोनों पुत्र रौशन व धर्मवीर यादव जेल में है. इसलिए फरकिया इलाके में सुरेश यादव का बादशाहत चलता है.
कुख्यात रामानंद यादव की हत्या का नामजद आरोपित है सुरेश
बताया जाता है हथबन पंचायत के मुखिया मंजू देवी के देवर सुरेश यादव फरकिया के कुख्यात रामानंद यादव के हत्या का नामजद आरोपित है. रामानंद यादव की हत्या वर्ष 2019 में बदमाशों द्वारा कर दी गयी थी. फरकिया में पहलवान के नाम से चर्चित कुख्यात रामानंद यादव की हत्या में सुरेश यादव के अलावे कई लोग नामजद थे. हत्या के बाद से ही सुरेश यादव फरार चल रहा है. लोगों ने बताया कि सुरेश यादव दबंगता के बल पर पत्नी को भी पैक्स चुनाव लड़ाया था, लेकिन उसकी पत्नी हार गयी. तब से फरकिया में सुरेश यादव जमीन कब्जा करने लगा था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
