चौथम. प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत करुआमोड़ जाने वाली सड़क स्थित एक विवाह भवन में आयोजित तीन दिवसीय ओशो योग, संगीत व ध्यान शिविर का समापन सोमवार को हो गया. शिविर के तीसरे व अंतिम दिन कार्यक्रम की शुरुआत प्रथम सत्र में संगीत साधना के साथ हुई. जिसके बाद ओशो परिवार के सदस्यों ने नगर भ्रमण किया. नगर भ्रमण के दौरान गाजे-बाजे के साथ ओशो परिवार के सदस्य भजनों पर झूमते नजर आए. विशेष रूप से ‘ओशो तेरे उपवन में आनंद ही आनंद है’ भजन पर श्रद्धालु थिरकते हुए पूरे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय बना रहे थे. इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी कार्यक्रम में रुचि दिखाते हुए सहभागिता की. इस आयोजन में काठमांडू नेपाल से आए स्वामी तथागत आनंद के नेतृत्व में स्वामी देव प्रहलाद उर्फ जितेंद्र, स्वामी ध्यान अमन, स्वामी भिक्षु प्रेमसागर, स्वामी आनंद विश्वास, स्वामी आनंद परितोष उर्फ कृष्णानंद सिंह, स्वामी ज्ञानसागर गणेश पटेल सहित कई महिला श्रद्धालु उपस्थित रही. आयोजकों ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को ओशो के विचारों और जीवन दर्शन से अवगत कराना तथा उन्हें ओशो परिवार से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है. उन्होंने कहा कि ओशो का संदेश है कि जीवन एक उत्सव है और इसे आनंदपूर्वक जीना ही सच्चा साधना है.
तीन दिवसीय ओशो योग, संगीत व ध्यान शिविर का हुआ समापन
तीन दिवसीय ओशो योग, संगीत व ध्यान शिविर का हुआ समापन
