Beldaur Solar Light: बेलदौर. गांव की गलियों और टोले को रात में रोशन करने के लिए मार्च 2026 में सोलर लाइटें लगाई गईं, लेकिन कुछ महीने बाद ही इनकी रोशनी पर सवाल खड़े हो गए हैं. खगड़िया के बेलदौर प्रखंड की कैंजरी पंचायत के वार्ड संख्या 8 में लगी सात सोलर लाइटें कथित तौर पर स्थापना के बाद से ही काम नहीं कर रही हैं.
रविवार को पंचायत विकास दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष ग्राम सभा में यह मामला सामने आया. वार्ड संख्या 8 के सदस्य राहुल कुमार ने मुखिया को लिखित आवेदन देकर खराब लाइटों की स्थलीय जांच कराने और जल्द कार्रवाई करने की मांग की.
वार्ड सदस्य का कहना है कि लाइटें लगने के बावजूद संबंधित टोले के लोगों को रात में अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने का भी आरोप लगाया है.
सात पोल पर लगी लाइटें नहीं कर रहीं काम
वार्ड सदस्य राहुल कुमार के आवेदन के अनुसार वार्ड संख्या 8 में मार्च 2026 में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी.
लेकिन स्थापना के बाद से ही अलग-अलग स्थानों पर लगी सात लाइटें काम नहीं कर रही हैं. आवेदन में खराब लाइट वाले पोल की संख्या भी दर्ज की गई है.
इनमें पोल संख्या 1, 2, 3, 4, 7, 9 और 10 शामिल हैं.
इन स्थानों पर लाइट नहीं जलने के कारण रात के समय संबंधित टोले और आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
रात होते ही फिर अंधेरे में डूब जाते हैं टोले
सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का उद्देश्य गांव की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर रात के समय रोशनी उपलब्ध कराना है. खासकर ग्रामीण इलाकों में इन लाइटों से पैदल चलने वाले लोगों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सुविधा मिलने की उम्मीद रहती है.
लेकिन सात लाइटों के बंद रहने से संबंधित इलाके में यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है.
वार्ड सदस्य ने आवेदन में खराब लाइटों को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि लोगों को रात के समय अंधेरे से राहत मिल सके.
सोलर बोर्ड की सुरक्षा पर भी सवाल
मामला केवल लाइटों के नहीं जलने तक सीमित नहीं है. वार्ड सदस्य राहुल कुमार ने सोलर लाइट के बोर्ड की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाया है.
उनका आरोप है कि किसी भी सोलर लाइट के बोर्ड में क्लिप नहीं लगाया गया है. ऐसे में तेज आंधी या तूफान के दौरान सोलर बोर्ड के टूटने की आशंका बनी रहती है.
यदि बोर्ड को सुरक्षित तरीके से नहीं लगाया गया है तो मौसम खराब होने की स्थिति में लाइटों को और नुकसान पहुंचने की आशंका है. इसी वजह से वार्ड सदस्य ने बोर्ड में आवश्यक क्लिप लगाने की मांग भी की है.
कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुआ समाधान
वार्ड सदस्य के अनुसार लाइटों में आई खराबी को लेकर संबंधित विभाग को कई बार जानकारी दी गई.
इसके बावजूद अब तक खराब पड़ी लाइटों को ठीक नहीं कराया गया. रविवार को आयोजित विशेष ग्राम सभा में लिखित आवेदन देकर इस मुद्दे को फिर से उठाया गया है.
स्थानीय स्तर पर अब मामले की जांच और कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है.
ग्राम सभा में उठे सवाल, अब स्थलीय जांच का इंतजार
पंचायत विकास दिवस के अवसर पर आयोजित ग्राम सभा में वार्ड सदस्य ने मुखिया से मामले की स्थलीय जांच कराने का अनुरोध किया है.
उनकी मांग है कि संबंधित स्थानों पर पहुंचकर यह देखा जाए कि सातों लाइटें किन कारणों से बंद हैं. इसके बाद खराबी को दूर कर सभी लाइटों को चालू कराया जाए.
साथ ही सोलर बोर्ड में क्लिप लगाकर उन्हें सुरक्षित करने की भी मांग की गई है.
Beldaur Solar Light: अब देखना है कब लौटेगी रोशनी
सोलर लाइटें गांव की सार्वजनिक सुविधा से जुड़ी योजना का हिस्सा हैं. ऐसे में मार्च में लगाई गई सात लाइटों का काम नहीं करना स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है.
अब ग्रामीणों की नजर पंचायत स्तर से होने वाली कार्रवाई पर है. यदि स्थलीय जांच के बाद खराबी दूर कर दी जाती है और सभी लाइटें चालू हो जाती हैं तो संबंधित टोले के लोगों को रात में राहत मिल सकती है.
फिलहाल सात सोलर लाइटों के बंद होने का मामला ग्राम सभा के जरिए सामने आ चुका है. अब जिम्मेदारी पंचायत और संबंधित विभाग की है कि शिकायत की जांच कर खराब लाइटों को कितनी जल्दी ठीक कराया जाता है.
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