खगड़िया: गोगरी में 'खेल परिसर' बना पीडीएस गोदाम फिर से बहाल, सीएम तक शिकायत के बाद डीएम ने लिया संज्ञान

खगड़िया जिले में वर्षों पुराने पीडीएस गोदाम को खेल परिसर में बदलने का विवाद आखिरकार खत्म हो गया है. स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के विरोध के बाद, प्रशासनिक दखल से भवन को फिर से अनाज भंडारण के लिए खोल दिया गया है.

खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड परिसर स्थित वर्षों पुराने जन वितरण प्रणाली (PDS) के मुख्य अनाज गोदाम को खेल परिसर में तब्दील करने के बहुचर्चित विवाद का आखिरकार पटाक्षेप हो गया है. प्रशासनिक दखल और जिलाधिकारी के कड़े रुख के बाद खेल परिसर को हटाकर भवन को पुनः गरीबों के पीडीएस अनाज भंडारण के लिए गोदाम बना दिया गया है. इस गोदाम को खेल परिसर बनाए जाने से एक तरफ जहां कुछ खेल प्रेमियों में उत्साह था, वहीं दूसरी तरफ बरसात में गरीबों के लाखों रुपये के सरकारी राशन के सड़ने की आशंका से स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश था. मामले की गूंज मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंचने के बाद डीएम ने त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की.

सीएम तक पहुंची थी शिकायत, डीएम ने बैठाई जांच

गोदाम को खेल परिसर में बदलने के खिलाफ स्थानीय स्तर पर जोरदार आवाज उठाई गई थी:

  • मुख्यमंत्री को भेजा गया था पत्र: गोगरी के श्रीशिरनियां निवासी सह भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष करुणेश कुमार मिश्रा ने बिहार के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी.
  • डीएम ने लिया संज्ञान: पत्र का संज्ञान लेते हुए खगड़िया के जिलाधिकारी (DM) विक्रम विरकर ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए और गोगरी के तत्कालीन एसडीओ (SDO) संजय कुमार से विस्तृत जवाब तलब किया.
  • गोदाम की बहाली: प्रशासनिक जांच और उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद खेल परिसर के ढांचे को हटाकर पुनः पीडीएस अनाज रखने का सुरक्षित गोदाम चालू कर दिया गया.
24जून को छपी खबर, अनाज रखने वाले गोदाम को बनाया गया था खेल मैदान, | Prabhat Khabar Network

2014 में दिग्गजों ने किया था उद्घाटन, गरीबों के राशन पर मंडराया था संकट

इस सरकारी गोदाम की पृष्ठभूमि और विवाद की मुख्य वजहें:

  • ऐतिहासिक उद्घाटन: पत्र में उल्लेख किया गया था कि इस महत्वपूर्ण गोदाम का उद्घाटन 1 जनवरी 2014 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, तत्कालीन खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्याम रजक तथा भवन निर्माण मंत्री दामोदर रावत द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था.
  • बरसात में अनाज सड़ने का खतरा: गोदाम से अनाज को बाहर कर दिए जाने के कारण आने वाले मानसून के दिनों में गरीबों का राशन भीगकर सड़ने और बर्बाद होने की गंभीर आशंका पैदा हो गई थी.
  • नगर परिषद फंड पर सवाल: शिकायतकर्ता ने यह भी जांच की मांग उठाई थी कि गोदाम को खेल परिसर बनाने में नगर परिषद गोगरी के किस मद से राशि खर्च की गई थी.
24जून को छपी खबर, अनाज रखने वाले गोदाम को बनाया गया था खेल मैदान, | Prabhat Khabar Network

असरदार रिपोर्टिंग के बाद स्थानीय लोगों ने जताया आभार

गोदाम को उसके मूल स्वरूप में लौटाए जाने के बाद गोगरी के ग्रामीणों, राशन कार्डधारियों और बुद्धिजीवियों ने राहत की सांस ली है:

  • मीडिया का असर: विगत 24 जून 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट "अनाज रखने वाले गोदाम को बनाया खेल परिसर, सीएम से जांच की मांग" के बाद प्रशासन हरकत में आया था.
  • जनता ने जताया धन्यवाद: गरीबों के खाद्यान्न की सुरक्षा सुनिश्चित होने पर स्थानीय लोगों ने मीडिया और त्वरित कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है.

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लेखक के बारे में

By रणवीर कुमार

रणवीर कुमार प्रिंट माध्यम में 13 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. गोगरी (खगड़िया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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