महासत्संग आज : श्रीश्री रविशंकर से जीवन जीने की कला सीखेंगे लोग, सुनेंगे अमृत वचन

नगर परिषद क्षेत्र के संसारपुर खेल मैदान में रविवार को आध्यात्मिक प्रेरणा श्रीश्री रविशंकर गुरुदेव लोगों को जीवन जीने की कला सिखायेंगे.

By Prabhat Khabar News Desk | March 8, 2025 9:58 PM

ऐतिहासिक पलों का साक्षी बनेगा खगड़ियावासी, आध्यात्मिक प्रेरणा देंगे गुरुदेव, प्रतिनिधि, खगड़िया. नगर परिषद क्षेत्र के संसारपुर खेल मैदान में रविवार को आध्यात्मिक प्रेरणा श्रीश्री रविशंकर गुरुदेव लोगों को जीवन जीने की कला सिखायेंगे. आध्यात्मिक गुरु गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर के सान्निध्य में महासत्संग का आयोजन किया जायेगा. इस महासत्संग में गुरुदेव अपने अमृत वचनों से जिलेवासियों को आध्यात्मिक प्रेरणा देंगे और दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति कराएंगे. आर्ट ऑफ लिविंग के आयोजक नागेन्द्र सिंह त्यागी ने बताया कि महासत्संग में न सिर्फ मधुर भजनों की सरिता बहेगी, बल्कि जिलेवासियेां को अप्रतिम आध्यात्मिक अनुभव भी प्राप्त होगा. गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर राज्य अतिथि के रूप में पहुंचे हैं. महासत्संग के बहाने आयोजित इस कार्यक्रम में गान, ज्ञान और ध्यान का यज्ञ होगा. आर्ट ऑफ लिविंग के आयोजकों ने शनिवार को प्रेसवार्ता कर उक्त जानकारी दी. प्रेसवार्ता में आर्ट ऑफ लिविंग के नागेंद्र सिंह त्यागी, संजीव प्रकाश उर्फ पप्पू, अधिवक्ता अजिताभ सिन्हा, प्रो. अरविंद सिंह, भरत सिंह जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत कुशवाह, अधिवक्ता विकास कुमार सिंह, मुरारी सिंह, मीरा सिंह, सुमन जायसवाल, मुरारी यादव, सुनील कुमार सिंह, जितेंद्र यादव, चंद्रभूषण कुमार, डॉ. सोहन कुमार, संतोष कुमार, अनूप कुमार आदि ने जिलेवासियों से इस आध्यात्मिक अनुष्ठान में भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि वे यहां आएं और गुरुदेव श्रीश्री रवि शंकर के साथ प्रेरणा और ऊर्जा का अनुभव करें.

तनाव से निबटने के लिए देंगे मंत्र

अपने अंतर मन पर ध्यान देकर अपने विचारों और संवेदनाओं को और कातर तरीके से संवारना सीखें. उन्होंने बताया कि गुरुदेव प्रेम, रिश्तों, संबंधों, नेतृत्व, प्रबंध, मंत्री और आध्यात्मिकता के बारे में ज्ञान देकर हमें जीवन की ऊंचाइयों पर भी पहुंचाएंगे. युवाओं में कुंठित होता विकास, तनाव से निबटने के लिए आवश्यक ज्ञान का अभाव और इन सबसे निकलने के लिए व्यावहारिक रास्ते भी बताएंगे. इस लिहाज से सबकी भागीदारी जरूरी है. बताया कि शहर के संसारपुर मैदान में आयोजित होने वाले महासत्संग में शामिल होने के लिए गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर रविवार की सुबह खगड़िया पहुंचेंगे. उनका हेलिकॉप्टर वीवीआईटी स्थित हेलीपैड पर उतरेगा. इसके बाद गुरुदेव कार्यक्रम स्थल संसारपुर मैदान पहुंचेंगे. इसके बाद वे भागलपुर रवाना होंगे.

सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर होगी चर्चा

गुरुदेव श्री श्री रविशंकर अपने प्रवचन में जीवन जीने की कला, तनाव प्रबंधन और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे. उनका ध्यान सत्र सभी प्रतिभागियों को मानसिक शांति और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करेगा. यह महासत्संग आध्यात्मिक ज्ञान से रूबरू करायेगा, आर्ट ऑफ लिविंग के आयोजकों ने बताया कि गुरुदेव के सानिध्य में होने वाले इस महासत्संग में ज्ञान-ध्यान, अध्यात्म और सांस्कृतिक पहचान का कीर्तिमान स्थापित होगा. इस कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है. मंच और पंडाल को भव्य स्वरूप दिया गया है और सबके अलग-अलग बैठने की व्यवस्था की गयी है.

ज्ञान-ध्यान, अध्यात्म व सांस्कृतिक बनेगा पहचान

श्री श्री रवि शंकर अपने प्रवचन में जीवन जीने की कला, तनाव प्रबंधन और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे. उनका ध्यान सत्र सभी प्रतिभागियों को मानसिक शांति और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करेगा. आयोजकों ने बताया कि गुरुदेव के सानिध्य में होने वाले इस महासत्संग में ज्ञान-ध्यान, अध्यात्म और सांस्कृतिक पहचान का कीर्तिमान स्थापित होगा. इस कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है. मंच और पंडाल को भव्य स्वरूप दिया गया है और सबके अलग-अलग बैठने की व्यवस्था की गयी है. आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन में भक्तिमय सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा.

बिहार को ज्ञान के शिखर पर पहुंचाने का विजन लेकर आ रहे गुरुदेव

आर्ट ऑफ लिविंग के आयोजकों ने बताया कि गुरुदेव श्री श्री रविशंकर बिहार को ज्ञान के शिखर पर पहुंचाने का विजन लेकर आ रहे है. उन्होंने कहा कि बिहार ने पूरे विश्व को ज्ञान दिया है. बुद्ध और चाणक्य व महान शासकों की यह भूमि है, नालंदा और विक्रमशिला के अवशेष इस बात की गवाही दे रहे हैं कि ज्ञान और आध्यात्म के क्षेत्र में यह प्रदेश कभी शिखर पर था. आर्यभट्ट की यह भूमि ज्ञान और आध्यात्म के लिए हमेशा से उर्वरक रही है, लेकिन बीते कालखंड में कुछ बदलाव जरूर हुए हैं. अब बिहार को एक बार फिर से ज्ञान और आध्यात्म के शिखर पर ले जाने का समय आ गया है और इसके लिए नई ऊर्जा की जरूरत है. उन्होंने कहा कि गुरुदेव बिहार को एक बार फिर ज्ञान और अध्यात्म के शिखर पर पहुंचाने का विजन लेकर उज्ज्वल बिहार यात्रा पर निकले है और इसी उद्देश्य को लेकर वे यहां आ रहे हैं.

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