परबत्ता: 80 लाख की जलमीनार की मोटर खराब, 20 दिनों से 'नल-जल' योजना ठप; दूषित पानी पीने को मजबूर लोग

परबत्ता में भीषण पेयजल संकट है. 'हर घर नल का जल' योजना के तहत बनी 80 लाख की जलमीनार 20 दिनों से बंद है. लोग दूषित या बाजार का पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है.

परबत्ता प्रखंड मुख्यालय और नगर पंचायत के महज आधा किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोग इन दिनों भीषण पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं. बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'हर घर नल का जल' का लाभ यहां के निवासियों को सुचारू रूप से नहीं मिल पा रहा है. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) द्वारा करीब 20 वर्ष पूर्व स्थापित जलमीनार की मोटर एक बार फिर खराब हो गई है, जिससे जलापूर्ति पूरी तरह से ठप है.

लीकेज और तकनीकी खामियों ने बढ़ाई परेशानी

करीब 20 साल पहले आसपास के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस जलमीनार की स्थापना की गई थी.

वर्ष 2007-08 में लगभग 80.66 लाख रुपये की लागत से 7,500 गैलन क्षमता वाली इस जलमीनार का निर्माण हुआ था. उस समय लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें घर-घर शुद्ध पेयजल मिलेगा, लेकिन यह उम्मीद धरातल पर नहीं उतर सकी:

  • लीकेज की समस्या: शुरुआती दौर में पाइपलाइन कम गहराई में बिछाए जाने के कारण जगह-जगह लीकेज की समस्या सामने आती रही.
  • रखरखाव का अभाव: मरम्मत के नाम पर कई-कई दिनों तक जलापूर्ति बाधित रखी जाती थी. मोटर और पाइपलाइन में लगातार तकनीकी खामियां आती रहीं.
  • ऑपरेटर की मनमानी: स्थानीय लोगों का आरोप है कि निजी क्षेत्र के संविदा आधारित ऑपरेटर की सुविधानुसार संचालन होने से भी जलापूर्ति अक्सर बाधित रही.

आयरन और आर्सेनिक युक्त पानी से स्वास्थ्य पर मंडराता खतरा

विभाग द्वारा पिछले कुछ वर्षों में स्थानीय चापाकलों से निकलने वाले पानी की जांच कराई गई थी, जिसमें कई जगह आयरन और आर्सेनिक की खतरनाक मात्रा पाई गई थी.

इस जलमीनार के पोषक क्षेत्र में परबत्ता, कन्हैयाचक, रुपौहली, नौरंगा, तेमथा राका, इंदिरानगर और मोजाहिदपुर सहित कई बड़ी बसावट वाले गांव आते हैं. शुद्ध पेयजल न मिलने के कारण एक बड़ी आबादी अब फिर से या तो दूषित चापाकल का पानी पीने को मजबूर है या फिर बाजार से पानी खरीद रही है.

20 दिन से बूंद-बूंद को तरस रहे लोग, जेई ने दिया आश्वासन

नगर पंचायत परबत्ता के निवासी मनोज कुमार ने बताया कि पिछले करीब 20 दिनों से नल का पानी बंद है. स्थानीय लोगों ने विभाग के कनीय अभियंता (JE) से कई बार संपर्क कर शिकायत की, लेकिन हर बार सिर्फ जल्द पानी चालू होने का आश्वासन थमा दिया जाता है. फोन करने पर अधिकारी कॉल भी रिसीव नहीं करते. वहीं, इस मामले में नगर पंचायत के जेई का कहना है कि जलमीनार की मोटर जल गई है, जिसे दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बार-बार होने वाली इस खराबी का कोई स्थायी समाधान निकाला जाए.


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लेखक के बारे में

By पलटू झा

पलटू झा प्रिंट माध्यम में 11 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. परबत्ता (खगड़िया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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