गोगरी. अनुमंडल क्षेत्र सहित जिले में इस बार की विधानसभा चुनाव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, खासकर नए मतदाताओं में. पहली बार वोट डालने जा रहे युवा न केवल राजनीतिक रूप से जागरूक हैं, बल्कि अपने वोट को बदलाव का माध्यम मान रहे हैं. स्थानीय कॉलेजों और सोशल मीडिया पर चुनावी चर्चा जोरों पर है. 18-22 वर्ष के युवाओं में इस बार मतदान को लेकर उत्सुकता काफी अधिक देखी जा रही है. इस बार खुशी सिंह, जो पहली बार वोट डालेंगी, कहती हैं, अब हम सिर्फ सोशल मीडिया पर नहीं बोलेंगे, ईवीएम के माध्यम से भी अपनी आवाज उठाएंगे. एक और रोचक बात यह है कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव और छठ एवं दीपावली त्योहार करीब-करीब साथ पड़ रहे हैं. इससे बड़ी संख्या में प्रवासी बिहारी और उनके परिवार के लोग अपने-अपने गांव लौटेंगे. जहां पहले लोकसभा चुनाव के दौरान बहुत से लोग बाहर थे, वहीं इस बार त्योहार की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में वोट प्रतिशत बढ़ने की पूरी संभावना है. चुनाव आयोग भी इस बार गांवों में विशेष जागरूकता अभियान चला रहे है. जगह-जगह नुक्कड़ नाटक, साइकिल रैली और युवाओं की भागीदारी से माहौल और भी उत्साही हो गया है. मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण में थोड़ी भी ढील नहीं मिल रही है. इधर, इस चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने की कोशिश में जुटे नेताओं के पास चुनाव प्रचार का समय तो कम है, लेकिन छठी माई के भरोसे नैया मार करने की रणनीति बनाने में जुटे हैं. इस बार व्रतियों को छठ का प्रसाद खरीदना भी कम पड़ेगा. कार्यकर्ताओं के माध्यम से नेता पहुंचा ही देंगे. छठ घाट पर भी इस बार भारी भीड़ देखने को मिलेगी.
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