-संभावित बाढ़ की आशंका से सहमे हैं लोग, गांधीनगर में कटाव जारी बेलदौर. नेपाल के कोसी बराज से छोड़े गए अत्यधिक पानी का असर बुधवार शाम तक बना हुआ था, सुख के कगार पर पहुंच चुकी कोसी के कछार पर कोसी उफन रही है, वहीं अचानक हुई नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी से अभी भी लोगों को बाढ़ के संभावित खतरे दहला रही है. इतमादी के गांधीनगर गांव समीप बीते रविवार से ही जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ तेज कटाव शुरू हो गया है. इससे उत्सवी मौसम में प्रभावित टोले के लोग संभावित खतरे से सहमे रतजगा करने को विवश हैं. इस संबंध में बाढ़ प्रमंडल टू के जेई नवनीत कुमार ने बताया कि बुधवार की शाम गांधीनगर कटाव स्थल का जायजा लिया गया है, जलस्तर में बढ़ोतरी से कटाव तेज हो गया है, जलस्तर में गिरावट आने पर कटाव की रफ्तार भी घटेगी एवं जलस्तर एनएसएल लेवल के नीचे जाने के बाद ही कटाव निरोधी कार्य किया जायेगा. स्थिति से वरीय अधिकारियों को अवगत करा कर लगातार निर्देश लिए जा रहे. इन्होंने बताया कि बुधवार की सुबह करीब 6 बजे नदी का जलस्तर 35.13 मीटर था जबकि शाम 6 बजे थोड़ी गिरावट के साथ 35.10 मीटर दर्ज हुई, इससे नदी के जलस्तर में अब गिरावट जारी रहने की प्रबल संभावना है इसके बावजूद स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है. वहीं संभावित बाढ़ के खतरे को देख पचाठ के समाजसेवी चंदन झा,बिदुर यादव, आशुतोष झा, पूर्व पंसस दुर्गा सिंह आदि ने बताया कि बीते रविवार से ही नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई, संभावित बाढ़ के खतरे की स्थिति अभी भी बनी हुई है जबकि पचाठ गांव नदी किनारे कटाव के मुहाने पर बसा लगातार कोसी के कहर को झेल रहा है. बावजूद अबतक कोई पदाधिकारी, कर्मी या जनप्रतिनिधियों ने सुधि ली है. इससे लोगों में घोर नाराजगी पनप रही है.
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