खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड क्षेत्र की बलैठा पंचायत स्थित पचाठ गांव के मुनि टोला में कोसी नदी का जलस्तर घटते ही कटाव तेज हो गया है. पिछले तीन दिनों से जारी भीषण कटाव के कारण कई गरीब ग्रामीणों के झोपड़ीनुमा घर नदी में समाने के कगार पर पहुंच गये हैं. कटाव की रफ्तार देखकर प्रभावित परिवारों में दहशत का माहौल है. ग्रामीण लगातार नदी किनारे की जमीन को टूटते और बहते देख रहे हैं, जिससे उन्हें अपने घर और सामान की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है.
15 दिन पहले भी तेज हुआ था कटाव
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 15 दिन पहले भी पचाठ गांव के इस इलाके में कटाव की स्थिति गंभीर हो गयी थी. उस समय कोसी नदी का जलस्तर बढ़ रहा था. पंचायत के मुखिया वीरेंद्र सहनी ने मामले की जानकारी जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को दी थी. सूचना मिलने के बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची और कटाव को रोकने के लिए बांस और करची के बंडल डालकर अस्थायी व्यवस्था की थी.
अस्थायी कटावरोधी काम से कुछ समय मिली राहत
विभाग द्वारा बांस-करची की बैरिकेडिंग किये जाने के बाद कुछ समय के लिए कटाव की रफ्तार नियंत्रित हुई थी. इससे ग्रामीणों को भी थोड़ी राहत मिली थी. लेकिन नदी का जलस्तर घटने के बाद उन हिस्सों में दोबारा कटाव तेज हो गया है, जहां बांस-करची की बैरिकेडिंग नहीं की गयी थी.
घर बचाने के लिए ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
कटाव लगातार आगे बढ़ने से कई परिवारों के झोपड़ीनुमा घर नदी के बेहद करीब पहुंच गये हैं. ग्रामीणों को आशंका है कि यदि कटाव इसी गति से जारी रहा तो उनके आशियाने कभी भी नदी में समा सकते हैं. गरीब परिवारों के सामने घर और घरेलू सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की चुनौती भी खड़ी हो गयी है.
वीडियो और तस्वीरों के बाद विभाग ने दिया भरोसा
रविवार सुबह ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को कटाव की गंभीर स्थिति से अवगत कराया. ग्रामीणों ने कटाव से संबंधित वीडियो और तस्वीरें भी विभाग को उपलब्ध करायीं. इसके बाद विभाग की ओर से कटावरोधी कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया गया है.
ग्रामीणों की मांग है कि अस्थायी व्यवस्था के बजाय कटाव प्रभावित हिस्से में जल्द ठोस और प्रभावी कटावरोधी कार्य कराया जाए, ताकि उनके घर और जमीन को कोसी की धारा में समाने से बचाया जा सके. लगातार कटाव को देखते हुए प्रभावित परिवारों की नजर अब विभागीय कार्रवाई पर टिकी है.
