बाढ़ से पहले स्कूलों में हाई अलर्ट, पढ़ाई नहीं होगी बाधित, बच्चों की सुरक्षा के लिए जारी हुई 16 सूत्री एडवाइजरी

Khagaria News: मानसून के साथ बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों में खतरा बढ़ गया है. शिक्षा विभाग ने बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 16 सूत्री एडवाइजरी जारी की है. इसमें बाढ़ के दौरान बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा और सुरक्षा उपायों पर जोर दिया गया है.

गोगरी (खगड़िया) से रिपोर्ट

Khagaria News: मानसून के साथ खगड़िया समेत बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों में खतरा बढ़ने लगा है. ऐसे में शिक्षा विभाग ने बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा को लेकर पहले से तैयारी शुरू कर दी है. समग्र शिक्षा और बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों के विद्यालयों के लिए 16 सूत्री एडवाइजरी जारी की है. इसमें बच्चों की सुरक्षा, वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था, राहत शिविरों में शिक्षा और पोषण से लेकर स्कूलों की सफाई तक की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि बाढ़ के दौरान भी शिक्षा बाधित न हो.

बाढ़ प्रभावित स्कूलों के लिए जारी हुई विशेष एडवाइजरी

गंगा, कोसी और बूढ़ी गंडक के जलग्रहण क्षेत्र में स्थित खगड़िया जिले में हर वर्ष बाढ़ का खतरा बना रहता है. इस बार भी मानसून सक्रिय होने के साथ संभावित बाढ़ को देखते हुए समग्र शिक्षा और बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है.

राज्य परियोजना निदेशक प्रशांत कुमार ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को 16 सूत्री विस्तृत एडवाइजरी जारी करते हुए निर्देश दिया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई, सुरक्षा और राहत संबंधी सभी तैयारियां पहले से पूरी कर ली जाएं.

बच्चों को सिखाया जाएगा बाढ़ के दौरान क्या करें और क्या नहीं

विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी जाएगी. उन्हें बताया जाएगा कि बाढ़ आने पर क्या करें, क्या नहीं करें, डूबने से कैसे बचें, नाव यात्रा के दौरान किन बातों का ध्यान रखें और आपदा के समय कैसे सतर्क रहें.

इसके साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों की किताबें, कॉपियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री सुरक्षित रखने के लिए जागरूक किया जाएगा.

दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस

शिक्षा विभाग ने विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चों की सुरक्षा और देखभाल पर विशेष जोर दिया है. एडवाइजरी में निर्देश दिया गया है कि ऐसे बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं, ताकि आपदा के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.

राहत शिविरों में भी मिलेगी शिक्षा और जरूरी सुविधाएं

निर्देश में कहा गया है कि यदि बाढ़ के कारण राहत शिविर संचालित होते हैं, तो वहां बच्चों के लिए पोषण, स्वच्छ पेयजल, हाथ धोने की व्यवस्था, प्राथमिक उपचार किट, मध्याह्न भोजन के लिए पर्याप्त खाद्यान्न और गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं.

पानी घटने के बाद विद्यालयों की साफ-सफाई, मरम्मत और बच्चों की शत-प्रतिशत वापसी सुनिश्चित करने के लिए विशेष नामांकन और जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा.

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Khagaria News: सभी विभाग मिलकर बनाएंगे माइक्रो प्लान

शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल और स्वच्छता जैसी आवश्यक सेवाओं के बेहतर समन्वय के लिए संबंधित विभागों के साथ माइक्रो प्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया है.

बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों को और प्रभावी बनाने के लिए 9 जुलाई को खगड़िया सहित राज्य के 28 बाढ़ प्रभावित जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और बीआरपी का ऑनलाइन उन्मुखीकरण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें बाढ़ पूर्व तैयारी, राहत और पुनर्वास कार्यों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा.

डीईओ बोले, किसी भी परिस्थिति में पढ़ाई नहीं होगी प्रभावित

जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गौंड ने कहा कि खगड़िया बाढ़ प्रभावित जिलों में शामिल है. ऐसे में विद्यालयों की सुरक्षा, बच्चों की निरंतर पढ़ाई और आपदा के समय त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

उन्होंने बताया कि सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और विद्यालय प्रधानों को राज्य मुख्यालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन करने के निर्देश दिए गए हैं. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूर्व तैयारी, वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी परिस्थिति में शिक्षा प्रभावित न हो.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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