खगड़िया के मध्य विद्यालय को हाई स्कूल बनाने की मांग तेज, शिक्षक ने मंत्री को सौंपा आवेदन

Khagaria News: गांव के बच्चों, खासकर बेटियों को पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़े. इसी मांग को लेकर थेभाय के ग्रामीणों ने एक बार फिर आवाज बुलंद की है. खगड़िया के थेभाय मध्य विद्यालय को उच्च विद्यालय में उत्क्रमित करने की मांग तेज हो गई है. स्थानीय शिक्षक ने ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बूलो मंडल को आवेदन सौंपकर छात्रों के हित में जल्द निर्णय की मांग की.

परबत्ता से रिपोर्ट.

Khagaria News: खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत थेभाय गांव स्थित मध्य विद्यालय को उच्च विद्यालय में उत्क्रमित करने की मांग ने फिर जोर पकड़ लिया है. स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम आवेदन देकर विद्यालय को हाई स्कूल का दर्जा देने की मांग की है. इसी क्रम में स्थानीय शिक्षक डॉ प्रद्युम्न कुमार ने बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बूलो मंडल से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा.

छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा असर

ग्रामीणों का कहना है कि मध्य विद्यालय थेभाय का पोषक क्षेत्र काफी बड़ा है और यहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं. लेकिन उच्च विद्यालय की सुविधा नहीं होने के कारण बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे गांवों या दूरस्थ विद्यालयों में जाना पड़ता है. इसका सबसे अधिक असर छात्राओं की शिक्षा पर पड़ता है.

विद्यालय के पास उपलब्ध है पर्याप्त जमीन

ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, जिससे उच्च विद्यालय के संचालन में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी. उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय के उत्क्रमण को लेकर पहले भी प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है. पंचायत समिति की बैठक में भी इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया था.

मंत्री से मिलकर सौंपा गया मांग पत्र

स्थानीय शिक्षक डॉ प्रद्युम्न कुमार ने ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बूलो मंडल से मिलकर विद्यालय को उच्च विद्यालय में परिवर्तित करने की मांग रखी. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए यह कदम जरूरी है.

ग्रामीण बोले- शिक्षा का दायरा होगा मजबूत

आवेदन में कहा गया है कि यदि मध्य विद्यालय थेभाय को उच्च विद्यालय में उत्क्रमित किया जाता है तो आसपास के सैकड़ों विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर शिक्षा मिल सकेगी. इससे ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी और विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा.

सरकार से जल्द निर्णय की उम्मीद

मांग पत्र पर कई ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के हस्ताक्षर हैं. सभी ने सरकार से इस दिशा में जल्द सकारात्मक पहल करने की अपेक्षा जताई है. ग्रामीणों का मानना है कि विद्यालय के उत्क्रमण से क्षेत्र में शिक्षा का स्तर और मजबूत होगा तथा छात्रों का भविष्य बेहतर बनेगा.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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