खगड़िया जिले में नीट (NEET) परीक्षा लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को बेहद उग्र हो गया. समाहरणालय के समक्ष प्रस्तावित शांतिपूर्ण प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस-प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए करीब एक दर्जन छात्र नेताओं को डिटेन (हिरासत में) कर लिया. हालांकि, इस पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतर आए और सूर्यमंदिर चौक से विशाल जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की.
प्रदर्शन से पहले देर रात और तड़के हुई छापेमारी
छात्र संगठनों ने पहले से ही दोपहर तीन बजे समाहरणालय के समक्ष शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखने और प्रदर्शन का ऐलान किया था:
- बीएनएसएस धारा 126 के तहत कार्रवाई: अनुमंडल अधिकारी (SDO) के निर्देश पर पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 के तहत छात्र नेताओं को उनके घरों से डिटेन कर लिया.
- डिटेन किए गए प्रमुख छात्र नेता: कार्रवाई की जद में आने वाले छात्र नेताओं में नवीन कुमार, सुमित बाबा, शुभम सिंह, रिशव कुमार, आनंद कुमार, गुलशन कुमार, शुभम पटेल, विराट पटेल, दीपनारायण पटेल शामिल हैं. प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन सभी से बांड भरवाए.
"अनुमति के बावजूद लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन": छात्र नेता
पुलिस हिरासत में लिए गए छात्र नेता शुभम और सुमित बाबा ने जिला प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा:
छात्र नेताओं का वक्तव्य: "हमने प्रदर्शन के लिए अनुमंडल अधिकारी (SDO) कार्यालय से बाकायदा लिखित अनुमति प्राप्त की थी और शांतिपूर्ण विरोध की अग्रिम सूचना भी दी थी. इसके बावजूद पुलिस ने तड़के घर में घुसकर हमें हिरासत में ले लिया. यह छात्रों के संवैधानिक व लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा दमन है. सरकार पुलिस के बल पर छात्रों का जायज आंदोलन दबाना चाहती है."
हिरासत के बावजूद सड़कों पर उमड़े छात्र, की नारेबाजी
छात्र नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर जैसे ही फैली, सैकड़ों छात्र और युवा स्वतः ही सूर्यमंदिर चौक पर एकत्र हो गए:
- सूर्यमंदिर चौक से निकला जुलूस: आक्रोशित छात्रों ने सूर्यमंदिर चौक से एक बड़ा विरोध जुलूस निकाला और नगर क्षेत्र में भ्रमण करते हुए अपनी आवाज बुलंद की.
- प्रमुख मांगें: प्रदर्शनकारियों ने नीट परीक्षा धांधली की निष्पक्ष जांच कराने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और विभिन्न राज्यों में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
