चौथम से धीरज सिंह बंटू की रिपोर्ट:
खगड़िया: जिले के चौथम मुख्यालय स्थित श्री कृष्ण पुस्तकालय में शनिवार को मेवाड़ के महान शूरवीर, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया. कार्यक्रम की शुरुआत पुष्पांजलि अर्पित कर की गई. इस दौरान पूरे परिसर में “महाराणा प्रताप अमर रहें” के नारों से वातावरण राष्ट्रभक्ति से गूंज उठा.
वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, स्वाभिमान और अदम्य साहस के प्रतीक थे. उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया और जीवनभर मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष करते रहे.
इस अवसर पर श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश युवा मीडिया प्रभारी सत्यम सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हर युवा के लिए प्रेरणास्रोत है. उनके आदर्श अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने, राष्ट्र और धर्म की रक्षा करने तथा स्वाभिमान के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं.
मौके पर करणी सेना के चंदन सिंह, आनंद सिंह (वीर सिंह), आशीष तोमर, सिंटू सिंह, सूरज सिंह, हर्ष कुमार, सत्यम कुमार सहित कई कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे. सभी ने महाराणा प्रताप के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया.
