खगड़िया: अफसर, सांसद और विधायक सब इसी राह से गुजरे, फिर भी 'मानसी अस्पताल मार्ग' बदहाल, 1 फीट गहरे गड्ढों में हिचकोले खा रहीं एंबुलेंस और मरीज

खगड़िया जिले में मानसी CHC को जोड़ने वाली मुख्य सड़क जानलेवा गड्ढों से भरी है. 1 फीट गहरे ये गड्ढे न सिर्फ आम यात्रियों के लिए, बल्कि मरीजों और गर्भवती महिलाओं के लिए भी मुसीबत बन गए हैं. जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की नियमित आवाजाही के बावजूद सड़क की बदहाली पर ग्रामीणों में भारी रोष है.

खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड स्थित मानसी बाजार के काली स्थान रोड से राजा जान, धर्मचक एवं चुकती गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मानसी जाने वाला यह प्रमुख संपर्क मार्ग इन दिनों जगह-जगह एक फीट गहरे जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुका है. विडंबना यह है कि इसी रास्ते से नगर पंचायत के अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), वरीय प्रशासनिक अमला और स्थानीय सांसद-विधायक तक नियमित रूप से गुजरते हैं, इसके बावजूद अस्पताल जाने वाली इस अति-महत्वपूर्ण सड़क का कायाकल्प नहीं होना प्रशासनिक संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.

1 फीट गहरे गड्ढे, हल्की बारिश में बन जाता है 'जलजाल'

सड़क की मौजूदा स्थिति पैदल और वाहन चालकों दोनों के लिए अत्यंत खतरनाक हो चुकी है:

  • सड़क और गड्ढे का फर्क खत्म: मार्ग पर जगह-जगह एक फीट तक गहरे गड्ढे बन चुके हैं. हल्की बारिश होते ही इनमें पानी भर जाता है, जिससे चालकों को गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता.
  • आए दिन दुर्घटनाएं: गड्ढों में पानी और कीचड़ जमा होने के कारण खासकर दोपहिया वाहन चालक और ई-रिक्शा पलट रहे हैं, जिससे रोजाना लोग चोटिल हो रहे हैं.

CHC अस्पताल जाने की मुख्य सड़क, मरीजों पर भारी आफत

यह सड़क केवल गांवों का संपर्क मार्ग नहीं, बल्कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जीवनरेखा है:

  • मरीजों और गर्भवती महिलाओं की फजीहत: मानसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) जाने वाले गंभीर मरीजों, प्रसूताओं और एंबुलेंस को इन्हीं जानलेवा गड्ढों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे कई बार रास्ते में ही मरीजों की हालत नाजुक हो जाती है.
  • तीन बड़े गांवों का संपर्क: राजा जान, धर्मचक और चुकती गांव की हजारों की आबादी रोजाना खरीदारी, इलाज और दफ्तर के काम से इसी मार्ग से मानसी बाजार आती है.

वीआईपी मूवमेंट के बावजूद अनदेखी पर फूटा आक्रोश

स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासनिक लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी को लेकर भारी आक्रोश है:

  • नेताओं और अफसरों की नियमित आवाजाही: ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व विधायक, वर्तमान विधायक, सांसद और जिले के आला अधिकारी अस्पताल निरीक्षण या कार्यक्रमों के सिलसिले में इसी रास्ते से गुजरते हैं.
  • जनता का तीखा सवाल: "जब जनप्रतिनिधियों और अफसरों की गाड़ियों के पहिए इन्हीं गड्ढों से होकर गुजरते हैं, तो फिर इस बदहाली को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है?"

मरम्मत और गड्ढा मुक्ति की तत्काल मांग

स्थानीय ग्रामीणों, व्यवसायियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन, ग्रामीण कार्य विभाग और नगर पंचायत प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़े जानलेवा हादसे से पहले सड़क के गड्ढों को भरकर इसका अविलंब पक्कीकरण व जीर्णोद्धार कराया जाए, ताकि मरीजों और आम मुसाफिरों को इस नरकीय यातना से मुक्ति मिल सके.


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लेखक के बारे में

By राजकिशोर सिंह

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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