परबत्ता : प्रखंड क्षेत्र के कई इलाकों में बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे उतरने लगा है. जलस्तर में कमी आने से लोगों को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन बाढ़ प्रभावित परिवारों की परेशानियां अभी बरकरार हैं. प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी रखा गया है.
22 सामुदायिक किचन में मिल रहा पका भोजन
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रखंड के अलग-अलग स्थानों पर फिलहाल 22 सामुदायिक किचन संचालित किए जा रहे हैं. यहां प्रभावित परिवारों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके अलावा कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से भी बाढ़ पीड़ितों के बीच सूखा राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है.
अंचल अधिकारी हरिनाथ राम ने बताया कि क्षेत्र में जलस्तर लगातार कम हो रहा है. हालांकि, प्रभावित लोगों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए राहत शिविर फिलहाल संचालित किए जाएंगे.
मूसलाधार बारिश में बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने पहुंचे सीओ
इधर, सीओ हरिनाथ राम की एक तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है. तस्वीर में वह मूसलाधार बारिश के बीच भरतखंड के विकास नगर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित लोगों का हाल जानते नजर आ रहे हैं. इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली.
पानी उतरने के बाद सामने आई क्षतिग्रस्त सड़कों की तस्वीर
बाढ़ का पानी कम होने के साथ ही इससे हुए नुकसान की तस्वीरें भी सामने आने लगी हैं. मुरादपुर की मुख्य सड़क कई जगह क्षतिग्रस्त हो गयी है. सड़क के बीचों-बीच बड़ा गड्ढा बन जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है.
प्रशासन के अनुसार, बाढ़ प्रभावित सड़कों को ऊंचा करने का प्रस्ताव जिला स्तर पर पहले ही भेजा जा चुका है. पानी पूरी तरह उतरने के बाद सड़क निर्माण और मरम्मत का काम शुरू किए जाने की संभावना है.
वहीं, माधवपुर पंचायत के ग्रामीण इलाकों की सड़कों को करीब चार फीट ऊंचा करने की योजना पर भी काम प्रस्तावित है. इससे बाढ़ के दौरान प्रभावित होने वाले ग्रामीण इलाकों में आवागमन की समस्या कम होने की उम्मीद है.
