ग्रामीणों ने उठाया बाढ़ से पहले कटावरोधी कार्य कराने की मांग

जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र के चिल्हनियां पंचायत अंतर्गत सुहिया हाट स्थित रेतुआ नदी के किनारे बसे ग्रामीणों ने बरसात से पूर्व कटावरोधी कार्य कराने की मांग की है

रतुआ नदी के किनारे बसे सोहिया हाट के लोग पिछले वर्ष बाढ़ से खो दिये थे आशियाना किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र के चिल्हनियां पंचायत अंतर्गत सुहिया हाट स्थित रेतुआ नदी के किनारे बसे ग्रामीणों ने बरसात से पूर्व कटावरोधी कार्य कराने की मांग की है. लोगों ने इसके लिए संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन से गुहार लगाई है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस व प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आगामी वर्षा ऋतु में भारी तबाही की आशंका है और पूरा गांव खतरे की जद में आ सकता है. स्थानीय लोगों के अनुसार रेतुआ नदी का कटाव लगातार तेज होता जा रहा है. नदी की धारा हर वर्ष अपना रुख बदलते हुए आबादी की ओर बढ़ रही है, जिससे क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण स्थल संकट में हैं. इनमें उत्क्रमित मध्य विद्यालय सुहिया, स्थानीय मस्जिद, टैक्स गोदाम, राइस मिल एवं दर्जनों घर शामिल हैं. ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो ये सभी संरचनाएं नदी में समा सकती हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा. ग्रामीणों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बताया कि विगत वर्ष करीब 70 लाख रुपये की लागत से कटावरोधी कार्य कराया गया था, लेकिन पहली ही बाढ़ में वह पूरी तरह ध्वस्त हो गया. इससे कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं. वर्तमान स्थिति यह है कि पिछली बाढ़ से प्रभावित आधा दर्जन परिवार आज भी मटियारी स्थित बाढ़ आपदा भवन में शरण लिए हुए हैं. प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे अब तक अपने घरों में लौटने की स्थिति में नहीं हैं और जीवन-यापन के लिए सरकारी सहायता पर निर्भर हैं. यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है. मुखिया मोफत लाल ऋषिदेव, पूर्व मुखिया उद्यानंद मंडल, मयानंद मंडल, कल्पना देवी, पंचायत समिति सदस्य कुंती देवी, पूर्व पंचायत समिति सदस्य बच्चन देव सिंह, सीता देवी, जिला परिषद सदस्य खोशी देवी, पूर्व जिला परिषद सदस्य श्यामलाल राम व शौकत अली सहित अन्य ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से प्रशासन से मांग की है कि बरसात से पहले स्थायी, मजबूत और तकनीकी रूप से सुदृढ़ कटावरोधी कार्य कराया जाए. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति भयावह हो सकती है.

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By Awadhesh kumar

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

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