खगड़िया गोगरी से रणवीर झा की रिपोर्ट,
जिले के प्रसिद्ध कात्यायनी स्थान के पहले कोसी नदी रेल पुल संख्या 50 के एक पाया इस प्रकार से क्षतिग्रस्त हो गया है कि जैसे लग रहा है वह बैठ गया है. इसके कारण इसमें दरार भी दिख रही है. हालांकि न तो इस पुल पर रेलवे विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की नजर है और न ही स्थानीय प्रशासन की.रेलवे पुल के पायों में काफी दरार पड़ चुकी है, लेकिन क्षतिग्रस्त पुल से अब भी 10 से अधिक ट्रेन प्रतिदिन सरपट दौड़ रही है. जाहिर है मानसी-सहरसा रेलखंड पर मानसी और धमारा स्टेशन के बीच कोसी नदी रेलवे पुल पर खतरा मंडरा रहा है और ये कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है. दरअसल सुनसान इलाका होने के कारण बालू माफियाओं द्वारा अपनी कमाई बढ़ाने के लिए नदी से बालू निकालने की लालच में रेलवे पुल का सपोर्ट का काम कर रही बालू की अवैध कटाई बेधड़क कर रहे हैं. जिसके कारण रेलवे पुल का एक पाया क्षतिग्रस्त होना शुरू हो गया.यदि समय रहते इसपर ध्यान नहीं दिया गया तो शायद आने वाले समय में बड़ी रेल दुर्घटना होने से कोई नहीं रोक सकता है. इस संबंध में अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गयी है लेकिन उनके संपर्क नहीं हो सका.
