जागरूकता: भूकंप व आग से बचाव के लिए मॉक ड्रिल, सायरन बजते ही प्रशासन हुआ अलर्ट

आग लगने पर सबसे पहले बिजली और गैस की आपूर्ति बंद कर देनी चाहिए.

खगड़िया. जिले में भूकंप परिदृश्य आधारित दो दिवसीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया. सदर अस्पताल में भूकंप से बचाव के लिए मॉक ड्रील किया गया. मॉक ड्रील का मुख्य उद्देश्य लोगों को आपदा, विशेषकर आग लगने की स्थिति में सुरक्षित रहने के तरीके सिखाना था. इसका लक्ष्य कर्मचारियों और आम जनता को आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए तैयार करना है. आग लगने पर सबसे पहले बिजली और गैस की आपूर्ति बंद कर देनी चाहिए. इसके बाद तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचित करना चाहिए ताकि वे समय पर पहुंचकर आग पर काबू पा सकें. मॉक ड्रिल के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने आग बुझाने के विभिन्न तरीकों का प्रदर्शन किया. इसमें पानी, फोम और अन्य आधुनिक अग्निशमन उपकरणों का उपयोग शामिल था, जिससे आग पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाया जा सके. आग लगने की स्थिति में सुरक्षा के तरीकों को सीखना बहुत जरूरी है, ताकि हम अपने और अपने परिवार की सुरक्षा कर सकें.

गोगरी अनुमंडल परिसर में किया गया मॉक ड्रील

गुरुवार को आपदा प्रबंधन टीम द्वारा गोगरी अनुमंडल परिसर में मॉक ड्रिल कर लोगों को जागरूक किया गया. इस दौरान एसडीओ संजय कुमार ने कहा कि आपदा के समय त्वरित और समन्वित कार्रवाई से ही जन-धन की क्षति को कम किया जा सकता है. इस अभ्यास में आग लगने, भूकंप आने की काल्पनिक स्थिति का प्रदर्शन किया गया. जिसमें एक व्यक्ति के घायल होने और उसे अस्पताल पहुंचाने का दृश्य भी शामिल था. मॉक ड्रिल के तहत अनुमंडल परिसर में आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. टीम ने कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया और घायल व्यक्ति को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया. मौके पर गोगरी एसडीपीओ साक्षी कुमारी, अनुमंडलीय अस्पताल गोगरी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश, बीडीओ रघुनन्दन आनंद, सीओ दीपक कुमार भी मौजूद थे.

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By RAJKISHORE SINGH

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