लॉटरी के अवैध धंधेबाजों ने दो दर्जन से अधिक बच्चों के हाथों में लॉटरी टिकट थमा कर पुलिस के लिए खड़ी की नयी चुनौती.
खगड़िया : हर दिन लाखों रुपये के होने वाले लॉटरी के अवैध कारोबार में पुलिस से बचने के लिए नाबालिग बच्चों को इस धंधे में धकेला जा रहा है. लॉटरी के गोरखधंधे में शामिल काले धंधेबाजों ने पुलिस की नजरों में धूल झोंकने के लिए यह रणनीति अपनायी है. बताया जाता है कि छोटे-छोटे बच्चों को नशा सहित पैसे की लालच देकर लॉटरी के अवैध कारोबार में धकेला जा रहा है. सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार लॉटरी गिरोह के सरगना की देखरेख में दो दर्जन बच्चों को इस अवैध कारोबार में धकेला जा चुका है.
ऐसे में पुलिस को लॉटरी के जाल को काटने में काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है. तब तक लॉटरी के मकड़जाल में फंस कर गरीबों का लूटने का सिलसिला जारी है.
बस के माध्यम से पहुंच रही लॉटरी टिकट की खेप
बताया जाता है कि लॉटरी की खेप बस के माध्यम से खगड़िया पहुंच रही है. ट्रेन में खतरा को देखते हुए सप्लायर लॉटरी की खेप बस में लोड कर देते हैं. यहां खगड़िया पहुंचने पर लॉटरी के धंधे से जुड़े लोग डिलिवरी ले लेते हैं.
इधर, लॉटरी विक्रेताओं के खिलाफ पुलिस की सख्ती के दावे के बीच इस गोरखधंधे पर लगाम नहीं लग पाया है. बताया जाता है कि लॉटरी के मकड़जाल में अधिकांश वैसे लोग फंसते हैं जो बिना मेहनत के रातों-रात अमीर बनने का ख्वाब पाले रहते हैं. सूत्रों की मानें तो लॉटरी गिरोह का सरगना अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है. सूत्रों के अनुसार लॉटरी का प्रत्येक दिन का कारोबार लाखों में पहुंच गया है. जिसके फेर में फंस कर जहां गरीब कंगाल हो रहे हैं वहीं इस अवैध धंधे में जुड़े कारोबारी मालामाल हो रहे हैं.
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार बस से पहुंचने वाली लॉटरी की खेप रखने के लिए शहर के एक दर्जन जगहों पर ठिकाना बनाया गया है. जहां पर लॉटरी की खेप पहुंचने के बाद इसे एजेंट के माध्यम से विभिन्न जगहों तक सप्लाई की जाती है. शहर के दक्षिणी हाजीपुर, थाना रोड, मील रोड, बखरी बस स्टैंड सहित कई इलाकों में लॉटरी के सप्लायर सक्रिय हैं.
जो सुबह के समय में लॉटरी की खेप खुदरा विक्रेता को देते हैं. मामूली कमीशन पर काम करने वाले ये खुदरा विक्रेता को लॉटरी की रकम फंसने के बाद कुछ प्रतिशत कमीशन दिया जाता है. चूंकि इस कारोबार में सक्रिय अधिकांश लोग नशे के आदी होते हैं.
ऐसे में नशा की पूर्ति करने के लिये ये आसानी से मामूली कमीशन पर भी लॉटरी के अवैध धंधे को करने से बाज नहीं आते हैं. बताया जाता है कि इन दिनों बाजार में पांच रुपये से लेकर सौ रुपये तक वाली लॉटरी उपलब्ध है. जिसकी बिक्री विभिन्न चौक-चौराहों, चाय-पान दुकानों के अलावा घूम-घूम कर भी किया जा रहा है. अब तो लॉटरी का अवैध कारोबार शहरी क्षेत्र से निकल कर गांवों के बाजार तक पहुंच गया है.
