परेशानी. मरीजों को बाहर पैसे खर्च करने की मजबूरी
तत्कालीन सांसद दिनेशचन्द्र यादव द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चौथम में स्थापित छह लाख कीमत का एक्स रे उपकरण कोने में पड़ा धूल फांक रहा है. लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की नींद नहीं खुली है.
चौथम : सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना से पांच वर्ष पूर्व तत्कालीन सांसद दिनेशचन्द्र यादव द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चौथम में स्थापित छह लाख कीमत का एक्सरे उपकरण कोने में पड़ा धूल फांक रहा है. लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की नींद नहीं खुली है. इधर, अस्पताल में एक्सरे सुविधा से वंचित रोगियों को बाजार में रुपये खर्च करने की मजबूरी बनी हुई है.
बता दें कि आमजनों की सुविधा के लिये तत्कालीन सांसद दिनेश चन्द्र यादव ने 10 जुलाई 2013 को एक्सरे मशीन पीएचसी में दिया था. लेकिन वह अस्पताल के एक कमरे के कोने में धूल फांक रहा है. एक स्वास्थ्यकर्मी ने बताया कि एक्स-रे के लिये अंधेरा कमरा, प्लेट सहित अन्य उपकरण की आवश्यकता होती है. लेकिन अब तक उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण एक्सरे मशीन सड़ रहा है. के अभाव में मशीन पड़ा है. स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज तक एक्सरे तकनीशियन तक उपलब्ध करवाया जा सका है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर आम लोगों की सुविधा के प्रति स्वास्थ्य विभाग क्यों उदासीन बना हुआ है. आखिर पांच वर्षों से इस दिशा में कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया.
सूत्रों की मानें तो बाजार में कुकुरमुत्ते की तरह खुल गये प्राइवेट एक्सरे सेंटर को फायदा पहुंचाने के लिये अस्पताल में एक्सरे सेवा की शुरुआत में अड़चन डाला जा रहा है. इधर, अस्पताल में दिये गये एक्सरे मशीन बरबाद हो रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग संविदा पर खोले गये एक्सरे सेंटर पर मेहरबान बनी हुई है. विदित हो कि तत्कालीन सांसद दिनेश चन्द्र यादव द्वारा उक्त योजना के तहत चौथम, मानसी, बेलदौर अलौली, खगड़िया, परबत्ता, गोगरी अस्पताल में एक्सरे मशीन दिये थे. लेकिन इसका लाभ आमलोगों को नहीं मिल सका है.
