महिला ने उठाया साहसिक कदम, शराबी पति को कराया गिरफ्तार

दो किमी पैदल चल कर की शिकायत अब मिल रहा है सामाजिक दबाव परबत्ता : प्रखंड की सौढ़ उत्तरी पंचायत के बुधनगर भरतखंड की एक महिला के द्वारा शराब के खिलाफ साहसिक कदम के बाद अब वह द्वंद्व में फंस गयी है. उसे अपने द्वारा उठाये गये कदम के बारे सोचने को विवश होना पड़ […]

दो किमी पैदल चल कर की शिकायत

अब मिल रहा है सामाजिक दबाव
परबत्ता : प्रखंड की सौढ़ उत्तरी पंचायत के बुधनगर भरतखंड की एक महिला के द्वारा शराब के खिलाफ साहसिक कदम के बाद अब वह द्वंद्व में फंस गयी है. उसे अपने द्वारा उठाये गये कदम के बारे सोचने को विवश होना पड़ रहा है कि कहीं उसने कुछ गलत फैसला तो नहीं कर लिया है.
क्या है मामला
प्रखंड की सौढ उत्तरी पंचायत अंतर्गत बुधनगर भरतखंड निवासी उमेश महतो रविवार शाम को प्रतिदिन की भांति शराब पीकर अपने घर आया और अपनी पत्नी लूसी देवी से किसी बात को लेकर बकझक करने लगा. बात बढ़ते बढ़ते मारपीट तक पहुंच गयी. लूसी देवी ने अपने पति उमेश महतो के शराब पीकर मारपीट करने की सूचना देने के लिये दो किलोमीटर पैदल चल कर भरतखंड सहायक थाना पहुंच गयी. पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर उमेश को हिरासत में ले लिया. उमेश महतो की मेडिकल जांच करायी गयी जिसमें उसके द्वारा शराब पीने की पुष्टि हो गयी. सोमवार को पुलिस ने उमेश महतो को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया.
असमंजस में है लूसी
बुधनगर भरतखंड गांव में आस पास के लोगों के कपड़ों की सिलाई कर अपना घर चलाने वाली लूसी देवी अब असमंजस और दुविधा में फंस गयी है. उसे समझ में नहीं आ रहा है कि वह अपने शराबी पति के गिरफ्तार होने की खुशी मनाये या दुख प्रकट करे. बच्चों ने पिता की गिरफ्तारी के दुख में खाना छोड़ दिया है. समाज के अधिकतर लोग उसे ही दोषी मानकर तोहमत लगा रहा है. वह खुद भी परेशान है कि आखिर यह क्या हो गया. लूसी देवी ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व तक उमेश महतो गल्ला खरीद बिक्री का छोटा व्यवसाय करते थे. इसमें घाटा लगने के बाद वे अंदर से टूट से गये. तभी से शराब की लत लग गयी. बाद में वे किसी न किसी बहाने से रोज ही झगड़ा झंझट करने लगे तथा यह झगड़ा मार पीट तक पहुंचने लगा. रविवार को भी यह सिलसिला शुरू हुआ. रोज रोज के मारपीट से तंग होकर वह उब गयी थी. इसीलिये उसने थाने में जाकर शिकायत कर दिया. लेकिन अब उसे लगता है कि शायद कहीं कुछ गलत हो गया है.
उमेश महतो की गिरफ्तारी से चिंतित और परेशान होकर उनकी मां गिरिजा देवी ने गांव के कई लोगों को पैरवी करने को कहा. उनमें से किसी ने बताया कि दो हजार रुपये देने से पुलिस उमेश को छोड़ सकती है. बेटे के लिए मां की ममता में गिरिजा देवी ने गांव के ही किसी अन्य व्यक्ति से दो हजार रुपये कर्ज लेकर एक व्यक्ति को दिया. गिरिजा देवी ने कर्ज देने वाले से वादा किया कि वृद्धावस्था पेंशन की राशि मिलने पर वह रुपये लौटा देगी, लेकिन गिरिजा देवी के रुपये भी चले गये और पुत्र भी पुलिस से छूट कर वापस नहीं आया.
कहते हैं थानाध्यक्ष
इस पूरे मामले पर भरतखंड सहायक थाना के थानाध्यक्ष राजकुमार साह ने बताया कि रविवार को लूसी देवी की शिकायत मिलने पर उसके पति उमेश महतो का मेडिकल कराया गया.शराब पिये जाने की पुष्टि होने पर सोमवार को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है.

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