परबत्ता बीइओ ने डीइओ को भेजा त्राहिमाम संदेश
खगड़िया : फर्जी हस्ताक्षर के सहारे लाखों रुपये के वेतन निकासी मामले में आरोपी शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज करने में पुलिस आनाकानी कर रही है. आधा दर्जन से अधिक बार बीइओ द्वारा थाना में जाकर आवेदन देने के बाद भी अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकी है. इधर, पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने […]
खगड़िया : फर्जी हस्ताक्षर के सहारे लाखों रुपये के वेतन निकासी मामले में आरोपी शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज करने में पुलिस आनाकानी कर रही है. आधा दर्जन से अधिक बार बीइओ द्वारा थाना में जाकर आवेदन देने के बाद भी अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकी है. इधर, पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने में आनाकानी को देखते हुए परबत्ता बीइओ हरेन्द्र रजक ने डीइओ सुरेश प्रसाद साहु को त्राहिमाम संदेश भेजकर इसकी शिकायत की है.
पुलिस की मनमानी को गंभीरता से लेते हुए डीइओ ने इसकी शिकायत एसपी से करने का निर्णय लिया है. डीइओ ने बताया कि आखिर सरकारी राशि के गबन के आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज करने में पुलिस आनाकानी क्यों कर रही है. तीन महीने में आधा दर्जन बार बीइओ को रिमांइडर करके प्राथमिकी दर्ज करने को कहा गया है लेकिन पुलिस की मनमानी के कारण प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा कि एसपी को पत्र भेज कर इसकी शिकायत करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने के लिये अनुरोध किया जायेगा.
क्या है पूरा मामला
डीइओ सुरेश साहू ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय शर्मा टोला तेहाय, परबत्ता की शिक्षिका रेखा कुमारी, शिक्षक रणवीर कुमार, प्राथमिक विद्यालय नयाटोला कोलवारा की शिक्षिका कुमारी रंजना, प्राथमिक विद्यालय तेहाय पूर्वी, परबत्ता की शिक्षिका अर्चना कुमारी के टीइटी प्रमाण पत्र संदिग्ध होने के कारण वेतन पर रोक लगाया गया था. लेकिन उक्त शिक्षक/शिक्षिकाएं द्वारा अपने प्रमाण पत्रों की सत्यता के संबंध में किसी प्रकार का आवेदन डीपीओ स्थापना कार्यालय में समर्पित नहीं किया गया. बल्कि उक्त चारों शिक्षक/शिक्षिकाओं द्वारा फर्जी ढंग से परबत्ता बीइओ व डीपीओ स्थापना के कार्यालय लिपिक का एडवाइस पर फर्जी हस्ताक्षर कर वेतन निकासी कर लिया गया. मामला उजागर होने के बाद चारों शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थिति बनाने से रोकते हुए प्राथमिकी दर्ज कर सूचित करने का सख्त निर्देश बीइओ को दिया गया था है.
कभी थाना क्षेत्र का बहाना बना कर टाल दिया जाता है तो कभी पसराहा थाना जाने को कहा जाता है. बीइओ श्री रजक ने बताया कि परबत्ता थाना जाने पर थानाध्यक्ष ने कहा कि यह पसराहा क्षेत्र का मामला है इसलिये वहां जाना होगा. पसराहा थाना पहुंचने पर पहले आवेदन ठीक से लिखने को कहा गया, फिर तारीख का बहाना बनाया गया और अब कहा जाता है कि चूंकि वेतन की निकासी खगड़िया से हुई है इसलिये आरोपी पर प्राथमिकी के लिये खगड़िया ही जाना होगा. बीइओ की मानें तो प्राथमिकी दर्ज करने के लिये वह अब तक एक दर्जन बार विभिन्न थाना जा चुके हैं लेकिन हर बार नया बहाना बनाकर टाल दिया जाता है. ऐसे में डीइओ को पत्र भेजकर पुरी वास्तुस्थिति की जानकारी दे दी गयी है.
हमें इस बात की कोई जानकारी नहीं है. सारे कागजात के साथ संबंधित थाना में आवेदन देने पर प्राथमिकी दर्ज नहीं किया जाता है तो यह गलत है. किसी ने इसकी शिकायत मेरे पास नहीं किया है.
राजन कुमार सिन्हा, एसडीपीओ, गोगरी.
परबत्ता थाना गये तो वहां दूसरे क्षेत्र का मामला बता कर पल्ला झाड़ लिया गया. पसराहा थाना पुलिस कभी आवेदन सही नहीं होने का बहाना बनाकर प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है. अब थाना पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि खगड़िया से पैसा निकासी होने के कारण प्राथमिकी के लिये वहीं जाना पड़ेगा. अब तक आधा दर्जन से अधिक बार विभिन्न थाना जा चुके हैं लेकिन गबन के आरोपी चारों शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी. ऐसे में डीइओ को पत्र भेज कर पुलिस अधिकारी द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं करने की शिकायत की गयी है.
हरेन्द्र रजक, प्रभारी बीइओ परबत्ता.
लिपिक व बीइओ के फर्जी हस्ताक्षर से लाखों रुपये वेतन निकासी करने वाले चार शिक्षकों पर प्राथमिकी करने में थाना पुलिस आनाकानी कर रही है. बीइओ द्वारा कई बार थाना में आवेदन दिया गया लेकिन पुलिस अधिकारी प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रहे हैं. परबत्ता में कार्यरत चार शिक्षकों के टीइटी प्रमाण पत्र फर्जी होने की आशंका को देखते हुए सार्टिफिकेट सत्यापित होने तक वेतन भुगतान पर रोक के बावजूद फर्जी एडवाइस व बीइओ व कार्यालय लिपिक के फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर कुल 3, 20, 692 रुपये वेतन के रुप निकासी कर ली गयी है.
सुरेश प्रसाद साहु, डीइओ.