खगड़िया : इनसान के साथ जानवर को भी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी से जूझना पड़ रहा है. जिला पशुपालन विभाग अंतर्गत पशु चिकित्सक के 23 स्वीकृत पद के विरुद्ध मात्र दो पशु चिकित्सक के सहारे जिले के पशुओं का इलाज किया जा रहा है. बेलदौर व परबत्ता को छोड़ अन्य प्रखंड के पशुओं का इलाज कैसे हो रहा है, यह तो विभाग ही बेहतर बता सकता है. एक अप्रैल 2016 से चार फरवरी 17 तक मात्र पांच पशु चिकित्सक के भरोसे पशुओं का इलाज किया जा रहा था.
लेकिन तीन संविदा आधारित पशु चिकित्सकों के एकरारनामा समाप्त होने के बाद शेष दो पशु चिकित्सक बचे हुए है. जिसके कारण पशुओं को उचित समय पर इलाज नहीं हो पा रहा है. इधर, पशुपालन पदाधिकारी डाॅ विजय कुमार झा ने बताया कि पशु पालन विभाग में चिकित्सक एवं कर्मियों की कमी की लिखित सूचना दी गयी है. उन्होंने बताया कि बेलदौर एवं परबत्ता प्रखंड में कार्यरत चिकित्सकों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. वाहनों के माध्यम से परबत्ता एवं बेलदौर को छोड़कर अन्य प्रखंडों में भ्रमण शील पशु चिकित्सालय के माध्यम से पशुओं का इलाज कराया जा रहा है.
