सरकारी जमीन पर दुकान चलाने वालों को अल्टीमेटम
परबत्ता : दो दिन पूर्व अंचल अधिकारी के द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से अगले 48 घंटों में अतिक्रमण को हटाने की नोटिस उदघोषित कराया गया है. इसके साथ ही शनिवार को सभी दुकानदारों को लिखित नोटिस भी दिया गया है. इस उदघोषणा के साथ ही परबत्ता थाना के सामने से लेकर मोजाहिदा बजरंग बली मंदिर तक सड़क के दोनों ओर सरकारी जमीन पर दुकान चला रहे. लोगों में हड़कंप मच गया है. इनमें से कई ऐसे दुकानदार हैं, जो अपनी आजीविका के लिए इस पर आश्रित हैं. जबकि कई ऐसे दुकानदार हैं जिन्होंने हजारों रुपये पगड़ी तथा प्रतिमाह किराया देकर अपना जीवन यापन करते हैं.
कहते हैं दुकानदार : सैलून चलाने वाले नवटोलिया निवासी भूषण ठाकुर ने बताया कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गयी तो वे सीधे सड़क पर आ जायेंगे, जबकि अरुण यादव का कहना था कि सरकार को गरीबों का ध्यान रखते हुए कार्रवाई करना चाहिये. प्रमोद साह ने बताया कि प्रखंड कार्यालय के ठीक सामने इन दुकानों के रहने के कारण न केवल सरकारी कर्मियों को भी सुविधा होती है और बस स्टेंड होने की वजह से आने जाने वाले यात्रियों की सेवा भी हो जाती है.
विवादित है यह बाजार
प्रखंड कार्यालय के ठीक सामने भारत सरकार की जमीन पर चल रहे इस बाजार का इतिहास विवादित रहा है. गत वर्ष बैजनाथ होटल में आग लगने की वजह से इस बाजार के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया था. इस आग को बुझाने के लिए जब दमकल की गाड़ी के आने में देर हुई तो कुछ आक्रोशित लोगों ने दमकल वाहन पर हमला कर दिया. इस घटना के बाद अंचल अधिकारी के आवास तथा कार्यालय पर पथराव भी किया गया.वहीं इस वर्ष जनवरी माह में अस्पताल परिसर के मुख्य द्वार पर आग लगने से आस पास के मुहल्लों में दहशत फैल गयी थी. स्थानीय लोगों के प्रयास से उस आग पर काबू किया गया.
कहते हैं सीओ
अंचल अधिकारी शिव शंकर गुप्ता ने बताया कि इस अतिक्रमण से संबंधित कई वाद उच्च न्यायालय में चल रहे हैं. इसके अलावा बढ़ते ट्रैफिक के दबाब के कारण परबत्ता बाजार में पर्याप्त चौड़ाई की सड़क की जमीन रहने के बावजूद हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है. पूर्व में कई बार इन अतिक्रमणिकारियों को समझाया गया है, लेकिन अतिक्रमण हटाने की बजाय कुछ ने स्थायी निर्माण कर लिया. अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विडियोग्राफी करायी जायेगी.
