बेहतर समाज की परिकल्पना ही समाजवाद है: सत्यनारायण सिंह
खगड़िया : बेहतर समाज की परिकल्पना ही समाजवाद की अवधारणा है. उससे जनता एवं पार्टी कतारों में शामिल लोग अभिभूत होते हैं. उक्त बातें भाकपा के राज्य सचिव सत्यनारायण सिंह ने उपस्थित डेलिगेट को संबोधित करते हुए कही. अंतिम दिन बुधवार को राज्य सम्मेलन में सांगठनिक मजबूती की चर्चा के बाद राजनीतिक प्रस्ताव पर विचार […]
खगड़िया : बेहतर समाज की परिकल्पना ही समाजवाद की अवधारणा है. उससे जनता एवं पार्टी कतारों में शामिल लोग अभिभूत होते हैं. उक्त बातें भाकपा के राज्य सचिव सत्यनारायण सिंह ने उपस्थित डेलिगेट को संबोधित करते हुए कही. अंतिम दिन बुधवार को राज्य सम्मेलन में सांगठनिक मजबूती की चर्चा के बाद राजनीतिक प्रस्ताव पर विचार विमर्श किया गया जिसमें विभिन्न जिले से आए डेलिगेट ने बहस में भाग लिया. स्थानीय केएन क्लब में कामरेड एबी बर्धन नगर में वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति,
राष्ट्रीय स्थिति, मोदी सरकार के जन विरोधी अर्थनीति, भाजपा का सांप्रदायिक फांसीवादी एजेंडा, भारतीय संविधान पर हमला, दलित पिछड़ों के अधिकारों पर हमला, श्रमिक के साथ अन्याय, राज्य की स्थिति, बदहाल कृषि, औद्योगिक पिछड़ापन, भ्रष्टाचार और अपराध बेलगाम, शिक्षा व स्वास्थ्य की स्थित, महिला उत्पीड़न पर चर्चा की गयी. समापन के अवसर पर छह बिन्दुओं पर आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है. राज्य सचिव श्री सिंह ने बताया कि पटना में आयोजित होने वाली दलित स्वाभिमान रैली के बाद सरकार की जन विरोधी नीति के खिलाफ जेल भरो आंदोलन
किया जाएगा.
गरीबों को भूमि उपलब्ध कराने के लिए भूमि सुधार आंदोलन, घर दो जमीन दो, युवाओं के लिए रोजगार दो या बेरोजगारी भत्ता दो. उन्होंने कहा कि छह बिन्दुओं का प्रस्ताव पारित किया गया. जिसमें सबके लिए समान शिक्षा के अवसर, स्वास्थ्य सेवाओं की गारंटी, महिला एवं दलित स्वाभिमान की रक्षा करने के साथ अक्तूबर क्रांति के शताब्दी वर्ष के सम्मान में सभी स्तरों पर विचारात्मक अभियान सात नवंबर 17 से चलाने का निर्णय लिया गया है. मालूम हो कि इससे पहले सत्र में सांगठनिक प्रतिवेदन पर बहस हुआ था. जिसमें सांगठनिक इकाईयों की गतिविधियों पर चर्चा की गयी. मौके पर राज्य परिषद सदस्य प्रभाशंकर सिंह, स्वागत सत्र के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह, पुनीत मुखिया आदि मौजूद थे.