गोगरी : जिले में बीते एक वर्ष में कई बड़ी घटनाएं हो चुकी है. हालांकि पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ अपराधियों के साथ निबटने का प्रयास कर रही है, लेकिन गोगरी अनुमंडल स्थित पसराहा इलाके में कब और कहां अपराधिक वारदात हो जाये, कहना कठिन है. मंगलवार की रात्रि बेखौफ अपराधियों ने देवघर में पसराहा निवासी राजकिशोर वर्मा उर्फ बबलू वर्मा की हत्या के बाद पसराहा में खूनी खेल शुरू होने की आशंका से लोग सहमे हुए हैं. घटना ने इलाके के राजनीतिक माहौल को भी गरम कर दिया है.
पसराहा में हत्याओं का दौर जारी
गोगरी : जिले में बीते एक वर्ष में कई बड़ी घटनाएं हो चुकी है. हालांकि पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ अपराधियों के साथ निबटने का प्रयास कर रही है, लेकिन गोगरी अनुमंडल स्थित पसराहा इलाके में कब और कहां अपराधिक वारदात हो जाये, कहना कठिन है. मंगलवार की रात्रि बेखौफ अपराधियों ने देवघर में पसराहा […]

पूर्व में भी पसराहा में
हो चुकी हैं हत्याएं
चुनाव के समय पिछले वर्ष आठ मई 2016 को इलाके के चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी. लेकिन भाकपा नेता सदानंद सिंह की अहले रात्रि में अपराधियों के द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद जो सिलसिला चला वह अब तक नहीं रुक पाया है. 19 फरवरी 2015 को दिन दहाड़े पसराहा पंचायत के उपमुखिया शंभू सिंह की हत्या भी हो गयी. उपमुखिया की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था. उसके बाद 25 अगस्त 2015 को पसराहा पंचायत के पूर्व मुखिया रंजीत सिंह की हत्या अपराधियों द्वारा उनके दरवाजे पर ही गोली मारकर कर दिया गया था. इसके पूर्व में करीब 8 वर्ष पूर्व गरीब सिंह की गोली मारकर अपराधियों ने हत्या कर दिया था. इतना ही नहीं पसराहा पंचायत के पूर्व उपमुखिया की दिनदहाड़े हत्या से पूर्व 2008 में पसराहा के पूर्व उपमुखिया शम्भू सिंह के पिता जगत सिंह की हत्या भी अपराधियों ने पसराहा चौक पर दिन दहाड़े कर दी थी. पिता के केस में उपमुखिया ही गवाह थे. वहीं 2009 में पसराहा के पूर्व उपमुखिया शम्भू सिंह के बहनोई की भी हत्या अपराधियों ने कर दी थी. अपराधी इतने से ही बाज नहीं आये. बराबर केस में गवाही नहीं देने की धमकी अपराधियों द्वारा दी जा रही थी.
दर्जनों बड़ी हस्ती और राजनीतिक नेताओं की हो चुकी है हत्या
ठेकेदार राजकिशोर वर्मा की देवघर में हत्या के बाद पसराहा में वारदात की आशंका
से सहमे लोग
घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं जोरों पर