नक्सली जोनल कमांडर के निशाने पर थे कई चिमनी मालिक

खगड़िया : 18 सालों से नक्सली गतिविधि में सक्रिय चानो सादा उर्फ आजाद इन दिनों कई चिमनी मालिकों को लेवी देने के लिये धमकी दे रहा था. इसकी शिकायत मिलते ही एसटीएफ की टुकड़ी टोह में जुट गयी. आखिरकार मंगलवार को नक्सली मध्य जोन के जोनल कमांडर चानो सादा उर्फ आजाद को तीन सक्रिय सदस्यों […]

खगड़िया : 18 सालों से नक्सली गतिविधि में सक्रिय चानो सादा उर्फ आजाद इन दिनों कई चिमनी मालिकों को लेवी देने के लिये धमकी दे रहा था. इसकी शिकायत मिलते ही एसटीएफ की टुकड़ी टोह में जुट गयी. आखिरकार मंगलवार को नक्सली मध्य जोन के जोनल कमांडर चानो सादा उर्फ आजाद को तीन सक्रिय सदस्यों के साथ खगड़िया-बेगूसराय की समीप स्थित बेला सिमरी में छापेमारी कर दबोच ही लिया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस की पूछताछ में नक्सलियों ने कई अहम राज पर से परदा हटाया है. जिसके आधार पर पुलिस छानबीन में लगी हुई है.

एक महीने से पीछा कर रही थी एसटीएफ : लेवी के लिए धमकी मिलने की शिकायत के मिलने के बाद आइजी ऑपरेशन कुंदन कृष्णन के निर्देश पर तेज तर्रार स्पेशल टास्क फोर्स की टुकड़ी को इनकी गिरफ्तारी के मिशन पर खगड़िया भेजा गया था. 15 दिन पहले भी खगड़िया-बेगूसराय सीमा पर स्थित एसटीएफ व जिला पुलिस की छापेमारी में नक्सली कमांडर चानो सादा सहित उसके साथी बच निकलने में कामयाब रहे थे. लेकिन मंगलवार को कड़ी घेराबंदी रहने के कारण चारों नक्सली पुलिस की गिरफ्त में आने से बच नहीं पाये. इधर, पकड़े गये नक्सलियों द्वारा उगले गये राज के आधार पर पुलिस आगे के मिशन में लग गयी है.
पूर्व कमांडर लंबू के संपर्क में थे सभी नक्सली : पुलिस की पूछताछ में इस बात का पता चला है कि सभी नक्सली खगड़िया जेल में बंद सजायाफ्ता पूर्व नक्सली कमांडर जहानाबाद निवासी सुभाष यादव उर्फ लंबू के संपर्क में थे. हाल के दिनों में कई चिमनी व जलकर मालिकों को लेवी के लिये मिली धमकी के तार भी जेल में बंद लंबू से जुड़ रहे हैं. नक्सली कमांडर चानो सादा पर 2005 में अलौली के मुजौना गांव में ट्रक को जलाने, बेगूसराय के बगरस चौक पर फूलो पासवान की हत्या, बेगूसराय में ही एसआई की हत्या में शामिल रहने का आरोप है. एएसपी अभियान विमलेश चन्द्र झा की मानें तो चानो सादा नक्सली गतिविधि का मास्टरमांइड माना जाता है.
नक्सली संगठन में युवाओं की दिलचस्पी घटी : बताया जाता है कि संगठन के कई सक्रिय सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद इन दिनों में नक्सली गतिविधि कमजोर पड़ी है. एएसपी श्री झा ने बताया कि पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है कि इन दिनों में नक्सली गतिविधि के प्रति युवाओं में दिलचस्पी घटी है. संगठन में वैसे ही लोग शामिल हो रहे हैं जिनको विचारधारा से कोई मतलब नहीं होता. बस लेवी वसूलना और मौज करने के लिये ये अपराध करने से गुरेज नहीं करते हैं.
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने ली राहत की सांस
एसटीएफ व जिला पुलिस की संयुक्त छापेमारी में मध्य जोनल कमांडर सहित चार नक्सलियों की गिरफ्तारी बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है. बताया जाता है कि इलाके में भी लेवी वसूलने के दबाव के कारण कई परिवार भय के साये में जी रहे थे. बता दें कि मंगलवार को खगड़िया-बेगूसराय सीमा पर गंगौर ओपी अंतर्गत स्थित बेला सिमरी के बहियार से चारों नक्सली की गिरफ्तारी की गयी है. इनके पास से दो देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, 6 डेटोनेटर सहित नक्सली लेवी परचा बरामद किया गया है. पकड़े गये नक्सली में बखरी निवासी सब जोनल कमांडर चानू सादा उर्फ आजाद, मध्य जोन के सक्रिय सदस्य बेगूसराय के तेघरा नोनपुर निवासी उद्गार सहनी उर्फ उपेन्द्र उर्फ यूपी, धरहा, खगड़िया के गंगौर ओपी क्षेत्र के रानीसकरपुरा निवासी जोनल कमेटी के सक्रिय सदस्य धमेन्द्र पासवान, सनोज कुमार यादव शामिल है. बताया जाता है कि मंगलवार को आधा दर्जन से अधिक नक्सली खगड़िया के गंगौर ओपी क्षेत्र के बेला सिमरी के बहियार में जमा हुए थे. संभवत: सभी नक्सली लेवी वसूलने के लिये कहीं पर हमले की फिराक में थे.
1998 से नक्सली गतिविधि में सक्रिय नक्सली कमांडर चानो सादा उर्फ आजाद इन दिनों गंगौर सहित आसपास में स्थित कई चिमनी व जलकर मालिकों को लेवी देने का दबाव दे रहा था. एक चिमनी मालिक पर हमला करने की फिराक में जमा हुए सभी नक्सलियों को समय रहते एसटीएफ व खगड़िया पुलिस की छापेमारी में चानो सादा सहित चार नक्सलियों को हथियार व नक्सली साहित्य के साथ धर दबोचा. पकड़ गये सभी नक्सली जेल में बंद जहानाबाद निवासी पूर्व नक्सली कमांडर सुभाष यादव उर्फ लंबू के संपर्क में था.
विमलेश चन्द्र झा, एएसपी अभियान.

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