कालाबाजारी. सरकारी अनाज में गड़बड़ी को ले डीएम ने दिये जांच के आदेश
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अनाज की कालाबाजारी कर गरीबों का निवाला छीना जा रहा. ओलापुर गंगौर पंचायत के डीलर व पंचायत सेवक की मिलीभगत से 200 क्विंटल अनाज अवैध ढंग से बेचे जाने के आरोपों के संबंध में डीएम को आवेदन देने के बाद कार्रवाई के आसार बढ़ गये हैं.
खगड़िया : सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबों को मिलने वाले 200 क्विंटल अनाज की कालाबाजारी का मामला प्रकाश में आया है. पूरा मामला सदर प्रखंड के ओलापुर गंगौर पंचायत से जुड़ा हुआ है. पंचायत के मुखिया सहित वार्ड सदस्यों के हस्ताक्षरयुक्त आवेदन डीएम को सौंप कर कार्रवाई की मांग की गयी है. पंचायती जनप्रतिनिधियों के आवेदन के आलोक में डीएम जय सिंह ने पूरे मामले के जांच के आदेश दिये हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाये जाने पर संबंधित डीलर व पंचायत सेवक पर कार्रवाई की बात कही गयी है.
डीएम को सौंपे आवेदन में ओलापुर गंगौर की उपमुखिया सुनीता कुमारी, प्रतिनिधि रवीन्द्र कुमार यादव, वार्ड सदस्य रंजू देवी, मजीदा खातून, रामआशीष सहनी, शशिकला देवी, सविता देवी, गीता देवी, रजनीश कुमार, रुकेश शर्मा, राम यादव वार्ड सदस्यों ने डीलर विद्यानंद सिंह व पंचायत सेवक नागेश्वर यादव की मिलीभगत से लाभुकों के अनाज की कालाबाजारी किये जाने का आरोप लगाया है. उपमुखिया प्रतिनिधि रवीन्द्र यादव ने बताया कि अक्तूबर, नवंबर, दिसंबर 2016 व जनवरी 2017 तक लाभुकों को मिलने वाले 200 क्विंटल अनाज की कालाबाजारी कर बाजार में अवैध ढंग से बेच दिया गया. हालांकि डीलर विद्यानंद सिंह व पंचायत सेवक नागेश्वर यादव ने पीडीएस के तहत सभी लाभुकों को नियमित खाद्यान्न दिये जाने का दावा करते हुए सभी आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है.
गरीबों के निवाले की कालाबाजारी : बताया जाता है कि पीडीएस दुकानों का नियमित निरीक्षण नहीं होने से गरीबों के निवाले की कालाबाजारी जोरों पर है. नियमत : प्रखंड के एमओ को डीलर के गोदाम सहित अन्य कागजात का नियमित निरीक्षण करना है. लेकिन अधिकांश एमओ सहित अधिकारी कागज पर ही सब कुछ दुरुस्त दिखा कर घर बैठे रिपोर्ट दे दिया जाता है. लिहाजा, गड़बड़ी पकड़ में नहीं आती है और गरीबों के निवाले का लूटना चलता रहता है. जरूरत है जिला प्रशासन को ऐसे डीलरों पर कड़ी कार्रवाई करने की, जो गरीबों के पेट पर डाका डाल अपनी जेब भर रहे हैं.
पंचायत के सैकड़ों परिवारों को सरकारी अनाज नहीं मिलने की शिकायत कई बार स्थानीय वार्ड सदस्यों को किया जा रहा था. कई बार डीलर को कहा गया लेकिन कोई असर नहीं पड़ा. स्थानीय अधिकारियों को इसकी शिकायत की गयी लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया. ऐसे में डीएम को आवेदन देने के अलावा कोई चारा नहीं था. लिहाजा, वार्ड सदस्यों व उपमुखिया के हस्ताक्षरयुक्त आवेदन डीएम को सौंप कर गरीबों के अनाज बाजार में बेचने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गयी है.
पंचायती जनप्रतिनिधियों द्वारा ओलापुर-गंगौर पंचायत के डीलर व पंचायत सेवक की मिलीभगत से सरकारी अनाज की कालाबाजारी के आरोपों के संबंध में दिये गये आवेदन के आलोक में एसडीओ को जांच के आदेश दिये गये हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.
जय सिंह, डीएम.
ओलापुर-गंगौर पंचायत के डीलर विद्यानंद सिंह व पंचायत सेवक नागेश्वर यादव की मिलीभगत से अक्तूबर 2016 से जनवरी 17 तक लाभुकों को मिलने वाले लगभग 200 क्विंटल सरकारी अनाज की कालाबाजारी कर बेच दिया गया. पंचायत के लाभुकों द्वारा जनप्रतिनिधियों से कई बार इसकी शिकायत की गयी है. लिहाजा, डीएम को आवेदन देकर संबंधित डीलर व पंचायत सेवक पर कार्रवाई की मांग की है.
सुनीता कुमारी, उपमुखिया
