मशरूम की खेती से दूर होगी किसानों की बेकारी

गोगरी : अनुमंडल क्षेत्र के दियारा इलाके में वैज्ञानिक तरीके से मशरूम उत्पादन की उन्नत तकनीक द्वारा कम लागत पर स्वरोजगार मुहैया करवाकर बेरोजगारों को स्वावलंबी बनाया जा सकता है. युवा जदयू के जिला प्रधान महासचिव आमोद कुमार राजू ने कहा कि बाढ़ पीड़ित ग्रामीण युवक मशरूम की खेती कर स्वरोजगार पा सकते हैं. उन्होंने […]

गोगरी : अनुमंडल क्षेत्र के दियारा इलाके में वैज्ञानिक तरीके से मशरूम उत्पादन की उन्नत तकनीक द्वारा कम लागत पर स्वरोजगार मुहैया करवाकर बेरोजगारों को स्वावलंबी बनाया जा सकता है. युवा जदयू के जिला प्रधान महासचिव आमोद कुमार राजू ने कहा कि बाढ़ पीड़ित ग्रामीण युवक मशरूम की खेती कर स्वरोजगार पा सकते हैं.

उन्होंने कहा कि मात्र दो हजार वर्ग फीट में कच्चे, पक्के या फूस के घरों में लगभग दस हजार रुपये की लागत से मशरूम उत्पादन व्यवसाय को बाढ़ग्रस्त इलाकों में शुरू किया जा सकता है. साथ ही धान के पुआल की कुटृी, गेहूं के भूसे, मक्का के ढेर आदि का उपयोग मसरूम उत्पादन में करके अवशेष से बेहतर कम्पोस्ट बनाया जा सकता है. श्री राजू ने बाढ़ प्रभावित अनुमंडल क्षेत्र में सरकारी स्तर पर मशरूम की वैज्ञानिक खेती को स्वरोजगार के रूप में बढ़ावा दिये जाने की मांग डीएम तथा जिला कृषि पदाधिकारी से की है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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