खगड़िया : हाईकोर्ट ने पूरे प्रदेश में स्पीड ब्रेकर हटाने के निर्देश का पालन धरातल पर नहीं दिखाई पड़ रहा है. केवल स्कूल व अस्पतालों के समीप स्पीड ब्रेकर को छोड़कर सभी जगह के ब्रेकर को हटाने का आदेश है. पर जिले में इस आदेश का पालन नहीं हो रहा है. शहर में बेवजह स्पीड ब्रेकर बने है. परिवहन विभाग स्पीड ब्रेकर को हटाने में रुचि नहीं दिखा रहा है. जहां जरूरत नहीं है. वहां भी स्थानीय लोगों ने अपनी मरजी से स्पीड ब्रेकर बना रखा है. सिर्फ जिला मुख्यालय में ही दर्जनों स्पीड ब्रेकर मिल जायेंगे. ऐसे में अगर मुख्यालय में ही निर्देश का पालन नहीं किया जा रहा है. तो ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी कल्पना करना भी बेमाईनी होगी.
शहर से लेकर गांव में सड़क पर स्पीड ब्रेकर बेवजह बनाये गये है. स्थिति यह है कि जब जिसका मन हुआ उसने अपने घर के सामने सड़क पर अपने हिसाब से ब्रेकर बना दिया. दिलचस्प बात तो यह है कि सड़क से होकर अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक गुजरते है. और हिचकोले खाते हैं. मगर कोई भी इस मामले में बोलने की जहमत उठाने को तैयार नहीं है. जो ब्रेकर बनाये गये है. उनको बनाने में किसी तरह के मानक का पालन नहीं किया गया है. लोग ब्रेकर के लिए तैयार होने वाले सामग्री के हिसाब से ब्रेकर की मोटाई या ऊंचाई तय करते है. जितना ज्यादा सीमेंट,बालू व गिट्टी दिया जायेगा उतना ऊंचा ब्रेकर का निर्माण होगा.
