खुलासा. अलौली पीएचसी में बिचौलिये निबटा रहे काम
पहले बिना अस्पताल आये ही आठ दिनों की हाजिरी एक ही दिन बनाने और अब बिचौलिये को कार्यालय आवंटित कर सरकारी काम लेने का वीडियो सामने आने के बाद अलौली के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक (बीएचएम) पर कार्रवाई तय मानी जा रही है. इधर, डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए सीएस से जवाब मांगा है.
खगड़िया : अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बिचौलिये से एकाउंट सहित अन्य सरकारी काम लिया जा रहा है. इतना ही नहीं सरकारी काम निबटा रहे बिचौलिया राधे वर्मा को बजाप्ता पीएचसी परिसर में कार्यालय आवंटित किया गया है. बताया जाता है कि पहले यही बिचौलिया बीएचएम चेतन शर्मा के कार्यालय में बैठकर काम निबटाता था लेकिन कुछ महीने पूर्व काम करते वीडियो सामने आने के बाद बिचौलिया को अलग से कमरा आवंटित कर दिया गया. इधर, पीएचसी परिसर स्थित अपने आवंटित कार्यालय में बिचौलिया राधे वर्मा के काम करने का वीडियो सामने आने के बाद डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए सिविल सर्जन से जवाब तलब किया है. बता दें कि अलौली पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बदल गये, रिश्वतखोर एएनएम की भी छुट्टी हो गयी,
नये प्रभारी बनाये गये, कई निरीक्षण, स्पष्टीकरण सहित निर्देश जारी हुए फिर भी स्थिति यह है कि हेल्थ मैनेजर की मिलीभगत से बजाप्ता कार्यालय में बैठकर बिचौलिया (बाहरी व्यक्ति) सरकारी योजनाओं के चेक बांटने से लेकर अन्य काम निबटा रहे हैं. इधर, अलौली पीएचसी में खुलेआम चल रहे इस गोरखधंधे के खुलासे से पीएचसी प्रभारी की भूमिका सवालों के घेरे में है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर किसी बाहरी व्यक्ति को कार्यालय आवंटित कर सरकारी काम लिये जाने की जिम्मेवारी से पीएचसी प्रभारी कैसे बच सकते हैं?
कुछ कीजिये डीएम साहब? : डीएम की लाख कड़ाई के बाद भी अलौली पीएचसी के हालात में कोई खास सुधार होता नहीं दिख रहा है. डॉक्टरों से लेकर स्वास्थ्यकर्मियों के गायब रहने से लेकर बिचौलिये की सक्रियता पीएचसी में अभी भी बनी हुई है. इधर, सोशल मीडिया पर वायरल नये वीडियो से एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था कटघरे में है. वीडियो में हेल्थ मैनेजर चेतन शर्मा द्वारा आवंटित कार्यालय में बैठकर बिचौलिया सरकारी काम निबटा रहे हैं.
बताया जाता है कि हेल्थ मैनेजर के इशारे पर उनके खासमखास बिचौलिया राधे वर्मा द्वारा जननी बाल सुरक्षा योजना के चेक से लेकर आशा-ममता को प्रोत्साहन राशि बांटने के एवज में अवैध वसूली का खेल जोर-शोर से चल रहा है. पैसा नहीं मिलने का धौंस दिखा कर जननी बाल सुरक्षा योजना के लाभुकों से कमीशन लिया जा रहा है. जबकि प्रोत्साहन राशि देने में कमीशनखोरी पर आशा-ममता कार्रवाई के डर से अपना मुंह नहीं खोल पाती है. इधर, पूरे मामले में पीएचसी प्रभारी व बीएचएम से मोबाइल पर संपर्क नहीं हो पाने के कारण उनका पक्ष नहीं लिया जा सका है.
हेल्थ मैनेजर का खासमखास है राधे वर्मा : सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार पीएचसी परिसर स्थित अपने कार्यालय में बजाप्ता कुर्सी-टेबल लगा कर काम निबटाने वाले राधे वर्मा हेल्थ मैनेजर चेतन शर्मा के खासमखास हैं. तभी तो खुलेआम वह पीएचसी में एकाउंट का काम करने के साथ अन्य सरकारी कार्य निबटा रहे हैं. साथ में हेल्थ मैनेजर के खासमखास रहने व पीएचसी प्रभारी की चुप्पी के कारण अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बिचौलिये की सक्रियता पर अंकुश नहीं लग पा रहा है. सबसे ताज्जुब की बात है कि पीएचसी प्रभारी सरकारी फोन भी उठाना मुनासिब नहीं समझते हैं.
सूत्रों की मानें तो कई बार स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय स्तर के अधिकारी का भी फोन रीसिव नहीं किया जाता है. अभी कुछ दिनों पहले इसी कारण पीएचसी प्रभारी से स्पष्टीकरण भी हो चुका है. इधर, लगातार अलौली पीएचसी में गड़बड़ी व शिकायतें सामने आने के बाद कड़ी कार्रवाई के कयास लगाये जा रहे हैं.
हेल्थ मैनेजर के खासमखास बिचौलिये को बाजाप्ता कार्यालय आवंटित, निबटा रहे एकाउंट सहित अन्य सरकारी काम
जननी बाल सुरक्षा योजना का चेक बांटने से लेकर आशा-ममता के प्रोत्साहन राशि के भुगतान में हो रही अवैध वसूली
स्टिंग ऑपरेशन में खुला अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में व्याप्त कुव्यवस्था की पोल, सब कुछ जानकर भी विभाग चुप
अलौली पीएचसी में बाहरी व्यक्ति से सरकारी काम लेने का वीडियो वायरल होने के बाद सिविल सर्जन से स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है. साथ ही पूरे मामले में जांच कर संबंधित अधिकारी सहित बिचौलिये पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया गया है.
जय सिंह, डीएम.
इस तरह की हरकत बरदाश्त नहीं की जा सकती है. आखिर बिचौलिये को कैसे और किसके आदेश से कार्यालय आवंटित कर सरकारी काम लिया जा रहा है इसकी गहन जांच कर दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा. अलौली बीएचएम की लगातार मिल रही शिकायतों के आलोक में कड़ी कार्रवाई तय है.
डॉ अरुण कुमार सिंह, सीएस.
अलौली पीएचसी में अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक के ड्यूटी से गायब रहने की कई बार शिकायत के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया जाना काफी गंभीर मामला है. जल्द ही एक शिष्टमंडल डीएम व सीएस से मिल कर भगोड़े अधिकारी व कर्मचारी पर कार्रवाई करने सहित बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवाने का अनुरोध करेगा. कुछ दिनों पूर्व भी पीएचसी के निरीक्षण में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी समेत कई डॉक्टर व हेल्थ मैनेजर गायब पाये गये थे. अभी भी पीएचसी में बिचौलिये का बोलबाला, डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही सहित इलाज नहीं होने की शिकायत मिल रही है. अगर जल्द ही इस दिशा में ध्यान नहीं दिया गया तो लोगों का गुस्सा कभी भी भड़क सकता है.
नवीन कुमार, प्रखंड प्रमुख, अलौली.
