– पोषण पखवाड़ा: बचपन के पहले छह साल पोषण पढ़ाई के लिए बेमिसाल – पहले छह वर्षों में मस्तिष्क विकास पर दिया जा रहा विशेष फोकस .खगड़िया. शुक्रवार को जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में 8वें पोषण पखवाड़ा को लेकर समीक्षा बैठक सह पोषण पखवाड़ा का आयोजन समाहरणालय सभाकक्ष में हुई. आगामी 23 अप्रैल 2026 तक पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया. इस वर्ष पोषण पखवाड़ा का मुख्य विषय जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना तथा बचपन के पहले 6 साल पोषण, पढ़ाई के लिए है बेमिसाल निर्धारित किया गया. बैठक में बच्चों के शुरुआती छह वर्षों के दौरान पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समग्र विकास के महत्व पर विशेष चर्चा की गयी. कार्यक्रम के दौरान नोडल पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त श्वेता भारती ने सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को पोषण पखवाड़ा के सफल आयोजन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि पोषण संबंधी जागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाना आवश्यक है. ताकि आमजन विशेषकर गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं बच्चों को पोषण के महत्व के प्रति जागरूक किया जा सके. बैठक में सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक, महिला पर्यवेक्षिका, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, आशा कार्यकर्ता, विकास मित्र, कृषि सलाहकार, जीविका दीदी सहित अन्य संबंधित कर्मियों को धरातल स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया. मौके पर वरीय उपसमाहर्ता, नोडल विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारी अमृता रंजन, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, सभी प्रखंड समन्वयक, सभी महिला पर्यवेक्षिका, जिला समन्वयक, जिला परियोजना सहायक, आईसीडीएस के सभी कर्मी एवं अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे. इस दौरान समाहरणालय परिसर में पोषण पखवाड़ा से संबंधित रंगोली बनायी गयी. कुपोषण को समाप्त करने, पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने, संतुलित आहार, संतुलित खान पान और पोषक तत्वों के महत्व पर चर्चा की गयी.
8वें पोषण पखवाड़ा का किया गया शुभारंभ
पहले छह वर्षों में मस्तिष्क विकास पर दिया जा रहा विशेष फोकस
