नाराजगी. स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में सरकारी अस्पतालों में सुधार पर जोर
डीएम ने पूरे जिले में सिजेरियन ऑपरेशन कम होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए फटकारा लगायी. डीएम ने बताया कि बीते माह में मात्र तीन सिजेरियन लापरवाही बताने के लिए काफी है, जबकि तीन प्राइवेट नर्सिंग होम में दस सिजेरियन की रिपोर्ट से यह जाहिर हो रहा है कि चिकित्सक द्वारा इसमें दिलचस्पी नहीं लिया जा रहा है.
परबत्ता : प्रखंड मुख्यालय स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को जिला पदाधिकारी जय सिंह ने जिले के स्वास्थ्य विभाग के सभी पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. जिसमें परिवार नियोजन कार्यक्रम, तपेदिक नियंत्रण कार्यक्रम, कालाजार नियंत्रण,अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्रों के नियमित संचालन,सभी अस्पतालों में दवा की उपलब्धता, आउटसोर्सिंग से मिलने वाली सुविधाओं, विभिन्न टीकाकरण कार्यक्रम, जननी बाल सुरक्षा योजना समेत स्वास्थ्य विभाग के द्वारा संचालित सभी योजनाओं की बारी-बारी से समीक्षा की. बैठक में असैनिक चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अरुण कुमार,
परबत्ता के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ एनपी मेहरा समेत सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के स्वास्थ्य प्रबंधक,सभी लेखापाल, सभी बीसीएम, डीआईओ, डीपीएम, मलेरिया पदाधिकारी मौजूद थे.
सिजेरियन कम क्यों हो रहा है सीएस साहब : बैठक के दौरान डीएम ने पूरे जिले में सिजेरियन ऑपरेशन कम होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए फटकारा लगायी. डीएम ने बताया कि बीते माह में मात्र तीन सिजेरियन लापरवाही बताने के लिए काफी है, जबकि तीन प्राइवेट नर्सिंग होम में दस सिजेरियन की रिपोर्ट से यह जाहिर हो रहा है कि चिकित्सक द्वारा इसमें दिलचस्पी नहीं लिया जा रहा है. डीएम ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को प्राइवेट क्लिनिक भेज कर सिजेरियन करने की शिकायत मिल रही है. इसके पीछे काम करने वाले रैकेट पर नकेल कसने के लिए
प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी है. जल्द ही ऐसे लोगों को चिह्नित करने के लिए पुलिस की मदद ली जायेगी. डीएम ने मौके पर मौजूद सदर अस्पताल के दो महिला चिकित्सकों से भी इस संदर्भ में पूछताछ की. दोनों महिला चिकित्सकों द्वारा दिये गये टालमटोल वाले जवाब से डीएम असंतुष्ट नजर आये. डीएम ने कहा कि अगर जल्द ही सरकारी अस्पतालों में सिजेरियन ऑपरेशन की संख्या में बढोतरी नहीं होती है तो सख्त कदम उठाये जायेंगे.
आउटसोर्सिंग एजेंसी की कारगुजारी आयी सामने : बैठक के दौरान कई प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों ने अपने स्वास्थ्य केंद्रों में आउटसोर्सिंग की शिकायत दर्ज कराया. प्रभारी चिकित्सकों ने बताया कि आउटसोर्सिंग से प्राप्त सुविधाओं की गुणवत्ता में कमी या सेवाओं में त्रुटि को दूर करने की हिदायत दिये जाने के बावजूद इन कमियों को दूर नहीं किया जा रहा है. इस पर डीएम ने सभी स्वास्थ्य प्रबंधकों तथा आउटसोर्सिंग के प्रतिनिधियों को साफ शब्दों में सुधारने का निर्देश दिया. डीएम ने कहा कि आउटसोर्सिंग सेवा में त्रुटि रहने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर भुगतान राशि में कटौती की जायेगी. वहीं कई चिकित्सा पदाधिकारियों ने जननी बाल सुरक्षा में आवंटन नहीं रहने के कारण भुगतान नहीं होने की जानकारी से पदाधिकारियों को अवगत कराया.
बैठक से पहले परबत्ता पीएचसी का निरीक्षण : बैठक करने से पूर्व डीएम ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया. इस दौरान साफ-सफाई की कमी देखकर डीएम ने नाराजगी व्यक्त किया. कुछ वार्डों में घुसते ही बदबू के कारण डीएम ने सफाई का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया. इसके अलावा पीएचसी में पीने के पानी की अनुपलब्धता, पानी शुद्धिकरण यंत्र खराब रहने, दवा काउंटर की बदहालली, अस्पताल में दवा रखने का फ्रीज खराब रहने को देख कर डीएम ने तुरंत सुधार की ताकीद की. डीएम ने परबत्ता के हेल्थ मैनेजर के वेतन में दस प्रतिशत कटौती का निर्देश दिया.
पंजी अद्यतन नहीं रहने पर दी हिदायत : डीएम ने जच्चा बच्चा वार्ड के निरीक्षण के दौरान औसत से कम वजन वाले बच्चों के लिए अलग से पंजी संधारित नहीं रहने पर अपनी आपत्ति प्रकट करते हुए इसे अद्यतन संधारित करने की हिदायत दिया. वहीं जननी बाल सुरक्षा योजना के भुगतान पंजी समेत अस्पताल में संधारित होने वाले सभी पंजियों का निरीक्षण किया.
सरकारी अस्पतालों में सिजेरियन ऑपरेशन कम होना चिंता का विषय है. इसमें सुधार का सख्त निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया है. नसबंदी को सफल बनाने पर जोर दिया गया है. परबत्ता पीएचसी में कई कमी सामने आयी है. जिसे अविलंब दूर करने को कहा गया है. साथ ही हेल्थ मैनेजर के वेतन में दस प्रतिशत कटौती का निर्देश दिया गया है.
जय सिंह, डीएम.
