तैयारी. 30 दिनों में निष्पादित होगा रोजगार ऋण के आवेदन
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत रोजगार के लिए मिलने वाले ऋण को आसान बनाने के उद्देश्य से केबीआइसी के द्वारा कई नये निर्णय लिये गये हैं. जिसमें रोजगार के लिए प्राप्त होने वाले आवेदनों को एक निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादित करना शामिल है.
खगड़िया : बैंकों से जरूरत मंदों को आसानी से ऋण नहीं मिलते हैं. पहले कई दिनों तक बैंकों के चक्कर लगाने पड़ते थे. फिर उनके आवेदन को स्वीकृत अथवा अस्वीकृत किया जाता था,
लेकिन अब एक तय समय सीमा के भीतर शाखा प्रबंधक को जरूरत मंदों के आवेदन पर निर्णय लेना होगा. क्योंकि प्रधान मंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत रोजगार के लिए मिलने वाले ऋण को आसान बनाने के उद्देश्य से केबीआइसी के द्वारा कई नये निर्णय लिये गये हैं. जिसमें रोजगार के लिए प्राप्त होने वाले आवेदनों को एक निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादित करना शामिल है.
जानकारी के मुताबिक पहले यह आवेदन बैंकों में महीनों लंबित रहते थे. फिर भी यह गारंटी नहीं थी कि आवेदक का आवेदन स्वीकृत ही होगा, लेकिन केबीआइसी के द्वारा जारी नये निर्देश के मुताबिक अब 30 दिनों के भीतर शाखा प्रबंधक को प्राप्त आवेदन को स्वीकृत अथवा अस्वीकृत करने पड़ेंगे.
ऑनलाइन होगा आवेदन : पीएमइजीपी त्रण के लिए अब ऑफ लाइन की व्यवस्था समाप्त कर ऑनलाइन कर दी गयी है. इस ऋण के लिए अब आवेदन को अपना प्रोजेक्ट रिपोर्ट, आधार नंबर सहित अन्य दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन जमा करने होंगे. उद्योग महाप्रबंधक ऑनलाइन प्राप्त होने वाले आवेदन की जांच कर उसे डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला टास्क फोर्स की बैठक में रखेंगे जहां उस आवेदन को सेलेक्ट अथवा रिजेक्ट किया जायेगा. सेकेल्ट आवेदनों को उद्योग महाप्रबंधक के द्वारा संबंधित बैंक के पास भेजा जायेगा, जहां 30 दिनों में शाखा प्रबंधक को आवेदन को स्वीकृत अथवा अस्वीकृत करेंगे.
कई अधिकारी करेंगे मॉनीटरिंग
पहले यह व्यवस्था थी कि बैंक के पास आवेदन भेजने के बाद जिला टास्क फोर्स में शामिल लोगों की भूमिका समाप्त हो जाती थी, लेकिन इसमें अब बदलाव किया गया है. ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था किये जाने के कारण अब बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के साथ साथ टास्क फोर्स में शामिल सभी अधिकारी इस आवेदन की स्थिति से अवगत होते रहेगे.
केबीआइसी के द्वारा सभी अधिकारियों को आइडी पासवर्ड मुहैया कराया जा रहा है. जिससे सभी लोग यह जान सकेंगे कि कितने आवेदनों को बैंक ने स्वीकृत किया अथवा अस्वीकृत. इसके साथ साथ समय सीमा से अधिक समय तक आवेदनों को अगर रखा जाता है तो इसकी भी जानकारी सभी अधिकारियों को आसानी से मिल जायेगी.
कहते हैं एलडीएम
एलडीएम सजल चटराज ने कहा कि राज्य स्तर पर केबीआइसी के द्वारा पीएमइजीपी को लेकर बैठक आयोजित की गयी. जिसमें सभी एलडीएम को आइडी पासवर्ड उपलब्ध कराये जाने की बातें कही गयी है. ताकि इसकी मोनेटरिंग की जा सके. अब इस ऋण के लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. जिसका निष्पादित बैंकों को 30 दिनों के भीतर करना है. अब शाखा प्रबंधक अगर आवेदन अस्वीकृत करते हैं तो उन्हें इसका कारण बताना होगा.
