सुख-समृद्धि, वैभव व मंगलकामनाओं का प्रतीक है कलश

एक अक्तूबर को कलश स्थापना शुभ मुहूर्त दोपहर 11:35 से 12: 23 तक अभिजीत मुहूर्त व हस्त नक्षत्र में होगी कलश स्थापना खगड़िया : शारदीय नवरात्रा एक अक्तूवर से शुरू हो रही है. भक्तजनों का उत्साह चरम पर है. घर-घर में शारदीय नवरात्रा की तैयारी अंतिम दौर पर है. मूर्ति कलाकार मां दुर्गा की प्रतिमा […]

एक अक्तूबर को कलश स्थापना

शुभ मुहूर्त दोपहर 11:35 से 12: 23 तक
अभिजीत मुहूर्त व हस्त नक्षत्र में होगी कलश स्थापना
खगड़िया : शारदीय नवरात्रा एक अक्तूवर से शुरू हो रही है. भक्तजनों का उत्साह चरम पर है. घर-घर में शारदीय नवरात्रा की तैयारी अंतिम दौर पर है. मूर्ति कलाकार मां दुर्गा की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं. इस बार नवरात्रा दस दिनों की होगी. खजरैठा गांव निवासी डॉ प्राण मोहन कुंवर व संसारपुर गांव निवासी पंडित अजय कांत ठाकुर ने बताया कि धर्मशास्त्रों के अनुसार कलश को सुख-समृद्धि वैभव व मंगलकामनाओं का प्रतीक माना गया है.
कलश के मुख में विष्णुजी का निवास, कंठ में रुद्र तथा मूल में ब्रह्मा स्थित हैं. कलश के मध्य में देवीय मातृशक्तियों निवास करती हैं. इसलिए पूजा पाठ आदि अनुष्ठानों में कलश पूजा का एक विशेष महत्व है. शारदीय नवरात्रा में मां दुर्गा का आह्वान कलश स्थापना के साथ किया जाता है. पंडित गण बताते हैं कि शारदीय नवरात्रा एक अक्तूबर से शुरू हो रह है. कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त दोपहर 11:35 से 12:23 तक है. इसी बीच में कलश स्थापना के साथ संकल्प का कार्य किया जायेगा. कलश स्थापना अभिजित मुहूर्त व हस्त नक्षत्र में होगी. जो मंगलकारी हैं. मां दुर्गा का आगमन अश्व पर ओर प्रस्थान मुर्गा पर है. मां दुर्गा की नौ रूपों की पूजा एक अक्तूबर से दस अक्तूबर तक होगी. 11 को विजयादशमी हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >