मनमानी. पैसे नहीं देने पर एएनएम ने अस्पताल से निकाल दिया बाहर
अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में व्याप्त अराजकता के माहौल में मरीज सिसक रहे हैं. यहां बिना नजराना दिये इलाज करवाना टेढी खीर है.बीते दिनों एक प्रसूता को इसलिये अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया क्योंकि उनके परिजनों ने अवैध नहीं दिया.
खगड़िया : अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के लिये आयी एक प्रसूता को नजराना नहीं देने पर अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया. अलौली गांव के जोगिया गांव निवासी जमजम खातून के परिजनों ने तैनात एएनएम का पैर पकड़ कर विनती भी किया लेकिन
स्वास्थ्यकर्मियों ने एक नहीं सुनी. उसे रात के 11 बजे अस्पताल से जबरदस्ती बाहर निकाल दिया गया. दर्द से तड़पती महिला रात भर खुले आसमान के नीचे कराहती रही लेकिन ड्यूटी पर तैनात एएनएम सरिता व एक अन्य का दिल नहीं पसीजा. इतना ही नहीं तीन दिन पूर्व अस्पताल में भरती मरीजों ने भी पूछताछ में लिखित रूप से प्रसव कराने के एवज में रिश्वत लिये जाने की शिकायत की है. लेकिन दोषी एएनएम पर अब तक कार्रवाई नहीं होना
कई सवाल खड़ा कर रहा है. बता दें कि पहले भी प्रसव करवाने के एवज में अवैध उगाही के आरोप लगते रहे हैं लेकिन मामले की लीपापोती कर दिये जाने से ऐसी स्थिति से बार बार मरीजों को जूझना पड़ रहा है. हालांकि आरोप के घेरे में आयी एएनएम ने किसी भी प्रकार की अवैध उगाही से इनकार किया है.
अलौली पीएचसी में प्रसव करवाने के लिये देना होगा नजराना
दो-दो हजार रुपये अवैध राशि की मांग किया जा रहा था
खुले आसमान के नीचे दर्द से तड़पती रही प्रसूता, परिजनों ने पैर भी पकड़ा लेकिन नहीं मानी एएनएम
रेफर के बाद हरिपुर के निजी क्लीनिक में जोगिया गांव की जम-जम खातून की हुई नार्मल डिलवरी
पीएचसी प्रभारी की जांच में भी प्रसव के लिये रिश्वतखोरी का हुआ खुलासा, कार्रवाई कुछ भी नहीं
इचरुआ पंचायत के मोरकाही गांव निवासी गुड़िया से भी प्रसव के एवज में 690 रुपये ऐंठ लिये एएनएम
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अलौली में बिना रिश्वत दिये प्रसव के लिये भटकते हैं परिजन
नजराना नहीं दोगे, तो टांका नहीं लगायेंगे…
11 सितंबर को प्रसव के लिये अलौली पीएचसी में भरती होने वाली इचरुआ पंचायत के मोरकाही गांव निवासी गुड़िया कुमारी (रजिस्ट्रेशन नं. 4440/2405) ने भी पीएचसी प्रभारी को आवेदन देकर एएनएम सरिता कुमारी व शशिलता पर अवैध उगाही का आरोप लगाया है. आवेदन के अनुसार ड्यूटी पर तैनात एएनएम ने भरती के समय नजराना का फरमान सुना दिया. इस दौरान परिजनों द्वारा आनाकानी करने पर एएनएम ने दो टूक कहा कि अगर पैसा नहीं दोगे तो प्रसूता को टांका नहीं लगायेंगे, रजिस्ट्रर में अंकित नहीं करेंगे. अंत में थक-हार कर मरीज के परिजन ने 690 रुपये एएनएम को दिये तब जाकर उसका इलाज किया गया. इस बात का चश्मदीन गवाह प्रसूता गुड़िया कुमारी की मां शांति देवी ने जब अवैध उगाही का विरोध किया तो स्वास्थ्यकर्मी ने कहा कि जहां शिकायत करना है करो… यहां बिना नजराना दिये इलाज नहीं होगा.
रात के 11 बजे अलौली प्रसव के लिये जमजम खातून को लेकर अलौली पीएचसी पहुंचने पर वहां मौजूद एएनएम सरिता कुमारी ने कहा कि दो एनएनएम हैं. दो-दो हजार रुपये देना पड़ेगा. जिसे देने से मना करने पर रात में गाली-गलौज कर दर्द से तड़पती प्रसूता को अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया. एएनएम का पैर पकड़ कर विनती करते रहे लेकिन एएनएम ने एक नहीं सुनी. सारी रात खुले आसमान के नीचे प्रसूता दर्द से तड़पती रही. सुबह में हरिपुर निजी क्लीनिक में नार्मल डिलवरी करवाया गया. पूरे मामले की शिकायत सीएस व अन्य अधिकारियों को आवेदन देकर की गयी है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाया है.
जुलेखा खातून, प्रसूता की मां.
सरकारी अस्पताल में होने वाले इलाज में किसी भी प्रकार की अवैध उगाही करने वाले बख्शे नहीं जायेंगे. नजराना नहीं देने पर अस्पताल से प्रसूता को बाहर निकाले जाने की जानकारी नहीं है. अगर ऐसा हुआ है तो जांच करवा कर संबंधित एएनएम पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
डॉ. अरुण कुमार सिंह, सिविल सर्जन.
साजिश के तहत अनर्गल आरोप लगाये जा रहे हैं. अलौली पीएचसी में ना तो किसी से पैसे की मांग की गयी और ना ही किसी प्रसूता को अस्पताल से बाहर निकाला गया है. किसी भी प्रसूता से प्रसव के लिये अवैध उगाही की मांग नहीं की गयी है. सारे आरोप बेबुनियाद हैं.
सरिता कुमारी, आरोपी एएनएम.
दो एएनएम हैं, दो-दो हजार देना होगा
बीते 24 अगस्त को अलौली के जोगिया गांव निवासी जमजम खातून को प्रसव के लिये पीएचसी में रात के करीब 10 : 45 बजे भरती करवाया गया. प्रसूता की मां जुलेखा खातून ने बताया कि प्रसव कक्ष में मौजूद एएनएम सरिता कुमारी ने कहा कि यहां ड्यूटी में दो एएनएम हैं. दो-दो हजार रुपये दोगे तो प्रसव करवायेंगे वरना रेफर कर देंगे. इतना सुन कर जब जुलेखा खातून ने सुबह तक मोहलत देने की बात कही तो भड़कते हुए एएनएम ने कहा कि चलो अस्पताल से बाहर निकलो. इधर, प्रसूता को दर्द से तड़पते देख उसकी मां ने ड्यूटी पर तैनात एएनएम का पैर भी पकड़ा लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों का दो टूक जवाब था पैसे दो वरना अभी के अभी अस्पताल से बाहर जाना होगा. कोई चारा नहीं देख प्रसूता को लेकर उसकी मां खुले आसमान के नीचे दर्द से तड़पती अपनी बेटी के साथ सारी रात बिता दिया. सुबह होने पर हरिपुर निजी नर्सिंग होम में जमजम खातून का नार्मल डिलवरी करवाया गया. पूरे मामले में जुलेखा सिविल सर्जन सहित अन्य अधिकारियों को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है.
