मुआवजा वितरण की शिकायत पर हुआ मुकदमा
परबत्ता : प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ कुंदन ने थाना में आवेदन देकर अश्विनी कुमार के विरुद्ध रंगदारी मांगने का मामला दर्ज कराया है. बीडीओ के द्वारा थाना में दर्ज कराये गये प्राथमिकी के अनुसार 30 जुलाई 16 को अश्विनी कुमार ने बिहार सरकार के कृषि विभाग के प्रधान सचिव का धौंस देकर मोबाइल पर बीडीओ को जान से मारने की धमकी दी गयी तथा रंगदारी की मांग की गयी.
अश्विनी की शिकायत पर हो रही है जांच
लगार पंचायत के अश्विनी कुमार ने अगस्त के प्रथम सप्ताह में डीएम जय सिंह को आवेदन देकर प्रखंड में वर्ष 2015 में ओलावृष्टि से हुई फसल क्षति के मुआवजा के वितरण में धांधली की शिकायत दर्ज कराया था. इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए डीएम ने प्रखंड के वरीय प्रभारी वासुदेव कश्यप को जांच कर सात दिनों के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था. अश्विनी कुमार ने बिहार सरकार के कृषि विभाग के प्रधान सचिव को आवेदन देकर इस मामले पर जांच तथा कार्रवाई की मांग किया था.
पहले भी हुआ है आवेदक पर मुकदमा
फसल क्षति मुआवजा के वितरण में धांधली की शिकायत करने पर पहले भी कुछ किसानों पर मुकदमा हो
चुका है.
बीते वर्ष 22 जून को गोविन्दपुर पंचायत के किसान फसल क्षति मुआवजा के वितरण में गड़बड़ी होने का आरोप लगाते हुए प्रखंड मुख्यालय में अपनी बात रखने आये थे. इस क्रम में लोगों ने अपने – अपने तरीके से अपनी बातों को बीडीओ के समक्ष रखा था. इस वार्ता में किसानों और बीडीओ के बीच कहा सुनी हो गयी. इसको लेकर बीडीओ डॉ. कुंदन ने थाना में कन्हैयाचक निवासी नटवर चौधरी, चितरंजन चौधरी, कारे चौधरी, श्रवण कुमार, अच्युतानंद चौधरी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराया था.
15 माह बाद भी नहीं बंटी है राशि
2015 में ओलावृष्टि से हुई फसल क्षति के उपरांत सरकार की तरफ से किसानों को मुआवजा के रूप में चार करोड़ 29 लाख रुपयों का आवंटन किया गया था. लेकिन इस राशि का पूर्ण रूप से अभी तक वितरण नहीं हो सका है. तब से अब तक दर्जनों किसान प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. इस संदर्भ में कई किसानों ने विभिन्न स्तर पर आवेदन देकर शिकायत भी दर्ज कराया. सभी आवेदकों के आवेदनों पर जांच की प्रक्रिया विभिन्न स्तरों पर लंबित है.
