अब कस्तूरबा विद्यालय में फर्जीवाड़ा का खुलासा फोटो. 4 में कैप्सन. कस्तूरबा विद्यालय आवास बोर्ड. ——————कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय आवास बोर्ड में फर्जी हाजिरी बना कर किया जा रहा गोलमाल – विद्यालय के प्रधानाध्यापक की जांच के दौरान बच्चियों की फरजी हाजिरी बनाने का हुआ खुलासा -कस्तूरबा विद्यालय व मध्य विद्यालय आवास बोर्ड की उपस्थिति पंजी में पाया गया अंतर वार्डन व पूर्णकालिक शिक्षिका रात्रि में रहती है गायब, कुव्यवस्था के बीच रह रही बच्चियां ——————-प्रत्येक वित्तीय वर्ष में कस्तूरबा विद्यालय संचालन के लिये मिलता है 25 लाख रुपये प्रत्येक छात्रा पर प्रतिदिन के हिसाब से 43.33 रुपये करना है खर्च कहती है वार्डन वार्डन रीता वर्मा ने बताया कि कस्तूरबा बालिका विद्यालय में छात्राओं की उपस्थिति 87 दर्ज किया गया है. अगर विद्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करायी है तो इसमें वह क्या कर सकती है. फर्जी हाजिरी व सरकारी राशि की हेराफेरी जैसे आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है. सारे आरोप बेबुनियाद हैं. —————कहते हैं प्रधानाध्यापक मध्य विद्यालय आवास बोर्ड सह कस्तूरबा विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि विद्यालय के छात्र छात्राओं की उपस्थिति पंजी अलग अलग रहने से दाल में काला की आशंका है. कस्तूरबा विद्यालय के छात्राओं की उपस्थिति पंजी और मध्य विद्यालय की हाजिरी पंजी अलग अलग है. गुरुवार को 87 छात्राओं की हाजिरी बनायी गयी थी लेकिन कस्तूरबा विद्यालय में मात्र 74 बच्चियां ही मौजूद पायी गयी. वार्डेन की शिकायत वरीय अधिकारियों से की जायेगी. —————कहते है डीईओजिला शिक्षा पदाधिकारी डॉ. ब्रज किशोर सिंह ने बताया कि इस तरह की शिकायत पहले भी आ चुकी है. उन्होनें कहा कि विभाग के अधिकारियों के द्वारा कस्तूरबा बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया जायेगा. जांच में गड़बड़ी पाये जाने पर वार्डेन और शिक्षिका पर विभागीय कार्रवाई की जायेगी.—————–कहते हैं डीपीओ सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि वार्डेन की शिकायत मिलने पर उससे स्पष्टीकरण तलब किया गया है. फर्जी हाजिरी व सरकारी राशि की हेराफेरी के मामले की जांच कर दोषी पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. —————–खगड़िया. एक बार फिर कस्तूरबा विद्यालय आवास बोर्ड में फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ है. अबकी यहां रहने वाली बच्चियों की फर्जी हाजिरी के आधार पर गोलमाल के खुलासा बाद प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार यादव की जांच में हुआ है. प्रधानाध्यापक श्री यादव ने वार्डन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए अधिकारी से शिकायत करने का एलान किया है. कस्तूरबा विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि गुरुवार को कस्तूरबा विद्यालय में 87 बच्चियों को उपस्थित दिखाते हुए उपस्थिति बनायी गयी थी. लेकिन विद्यालय में मात्र 74 बच्चियां ही मौजूद मिली. इस बारे में विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा स्कूल की वार्डेन रीता वर्मा से पूछने पर कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया. ऐसे में फर्जी हाजिरी के आधार पर सरकारी राशि की हेराफेरी की आशंका को देखते हुए प्रधानाध्यापक ने वार्डेन की शिकायत अधिकारियों से करने की बात कही है. —————कुव्यवस्था का शिकार कस्तूरबा विद्यालय प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय अवास बोर्ड परिसर संचालित कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं की उपस्थिति एवं परिसर स्थित अवास बोर्ड की उपस्थिति पंजी में मेल नहीं खा रहा है. जाहिर है कि कस्तूरबा विद्यालय के वार्डन रीता वर्मा द्वारा छात्राओं की उपस्थिति अधिक दर्ज कर सरकारी राशि का बंदरबांट किये जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. गुरुवार को कस्तूरबा बालिका विद्यालय की उपस्थिति पंजी में वर्ग छ: में 37, वर्ग सात में 27, वर्ग 8 में 23 छात्राओं की उपस्थिति वार्डन के द्वारा बतायी गयी. लेकिन उक्त विद्यालय में कस्तूरबा विद्यालय के छात्राओं की संख्या मात्र 74 थी. इस हिसाब से 13 छात्राओं की उपस्थिति अधिक दर्ज होने पर लगभग 700 रुपये प्रतिदिन सरकारी राजस्व की हेराफेरी हो रही है. प्रत्येक वित्तीय वर्ष मिलता है 25 लाखकस्तुरबा बालिका विद्यालय संचालन के लिए सरकार द्वारा प्रत्येक वित्तीय वर्ष में लगभग 25 लाख रुपये आवंटित किये जाते है. जानकारी के अनुसार उक्त राशि में कस्तूरबा बालिका विद्यालय का संचालन किया जाना है. इस विद्यालय में ज्यादातर गरीब तबके की छात्राएं पढ़ती है.कैसे होती है पढ़ाईकस्तुरबा बालिका विद्यालय में सुबह के छह से आठ बजे तक वार्डन एवं पूर्ण शिक्षिका के द्वारा वर्ग 6 से 8 तक की छात्राओं को शिक्षा दिया जाना है. वहीं संध्या में छह बजे से रात्रि के 9 बजे तक उपस्थित छात्राओं को शिक्षा दिया जाना है.रात्रि में गायब रहती है वार्डन व पूर्णकालिक शिक्षिकाबताया जाता है कि वार्डन एवं पूर्ण कालिक शिक्षिका छात्राओं के बीच नहीं रहकर अपने अपने घरों में रहती है. जिसके कारण छात्राओं के शिक्षा में गुणवत्ता का अभाव बना हुआ है. साथ ही अनहोनी की आशंका भी बनी रहती है. बीडीओ की जांच में धरायी थी गड़बड़ीबीते दिनों खगड़िया बीडीओ द्वारा कस्तूरबा विद्यालय आवास बोर्ड की जांच में कई अनियमितता सामने आयी थी. जिसमें मीनू के अनुसार भोजन नहीं देने, सरकार द्वारा प्रदत्त सुविधा में धांधली सहित कई गड़बड़ी के खुलासा बाद बीडीओ ने वरीय अधिकारियों को रिपोर्ट करने की बात कही थी. लेकिन सब दावे फाइलों में सिमट कर रह गये. इधर, कोई कार्रवाई नहीं होने से वार्डेन की मनमानी बढ़ती गयी और गुरुवार को एक बार फिर फर्जी हाजिरी के खेल का खुलासा हुआ है.
अब कस्तूरबा वद्यिालय में फर्जीवाड़ा का खुलासा
अब कस्तूरबा विद्यालय में फर्जीवाड़ा का खुलासा फोटो. 4 में कैप्सन. कस्तूरबा विद्यालय आवास बोर्ड. ——————कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय आवास बोर्ड में फर्जी हाजिरी बना कर किया जा रहा गोलमाल – विद्यालय के प्रधानाध्यापक की जांच के दौरान बच्चियों की फरजी हाजिरी बनाने का हुआ खुलासा -कस्तूरबा विद्यालय व मध्य विद्यालय आवास बोर्ड की उपस्थिति […]
