बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधि.
खगड़िया : पंचायत समिति के सदस्यों को मुखिया के खौफ से बाहर निकलने की आवश्यकता है. पंचायती राज विभाग की नयी व्यवस्था में सभी जनप्रतिनिधियों की भागीदारी, सहयोग व समन्वय से ही त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत किया जा सकता है. उक्त बातें डीएलटी एके सिन्हा ने पंचायत समिति के निर्वाचित प्रतिनिधियों से कहीं. निर्वाचित प्रतिनिधियों व कर्मियों तथा ग्राम कचहरी के निर्वाचित प्रतिनिधियों व कर्मियों का क्षमतावर्द्धन करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत सदर प्रखंड परिसर में प्रमुख, उपप्रमुख,
पंसस का प्रशिक्षण का समापन शनिवार की संध्या में हो गया. इसके अलावा सरपंच, उप सरपंच और पंचों के प्रथम बैच का प्रशिक्षण पूरा किया गया. जिला स्तरीय प्रशिक्षक अजित कुमार सिन्हा, शारदा वर्मा, किरण कुमारी व ज्योति कुमारी के अलावा प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी हेम नारायण महतो को सदर प्रखंड में प्रतिनियुक्त किया गया है. प्रशिक्षण के दौरान पंचायत समिति सदस्यों को पंचायत का उदभव एवं विकास,
बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 की विशेषता, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के कार्य एवं कर्तव्य, प्रमुख व उप प्रमुख की जिम्मेदारियां व कर्तव्य, स्थायी समितियों के कार्यप्रणाली की जानकारी दी गयी. इसके अलावा मुख्यमंत्री के सात निश्चयों का उल्लेख करते हुये 14वां वित्त आयोग और पंचम राज्य वित आयोग की सिफारिशों पर चर्चा की गयी.
प्रतिनिधियों को बताया गया कि पंचायती राज अधिनियम 2006 में एक धारा 170-क जोड़कर वार्ड सभा का प्रावधान किया गया है. योजना का निर्माण वार्ड सभा के स्तर से होना है. सभी योजनाएं ग्राम सभा में संकलित और समेकित करके पंचायत समिति को भेजी जाएगी तथा जिला परिषद के अनुमोदन के बाद जिला योजना समिति द्वारा योजनाओं को अंतिम रूप दिया जायेगा.
