स्वास्थ्य विभाग के सचिव ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के सिविल सर्जन को पत्र लिख कर दिये कड़े निर्देश
खगड़िया : बाढ़ प्रभावित इलाकों में सुदृढ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में कोताही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए विभाग के सचिव जितेन्द्र श्रीवास्तव ने सभी सिविल सर्जन को पत्र भेजा है.
पत्र में साफतौर पर कहा गया है कि अभी भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने में कई कमी सामने आयी है. स्वास्थ्य सचिव श्री श्रीवास्तव ने कहा कि अगर किसी जिले में शिथिलता बरती जाने पर भविष्य में कोई अप्रिय घटनाएं होती है तो उसकी सारी जवाबदेही प्रभारी चिकित्सा प्रभारी व सिविल सर्जन की होगी. सचिव ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा है कि सभी आशा कार्यकर्ता व एएनएम से यह प्रमाण पत्र लें कि अब कोई भी गर्भवती महिलाएं बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसी हुई नहीं हैं. अगर कहीं फंसी भी हैं तो इसकी सूची तुरंत एसडीआरएफ को उपलब्ध करवाते हुए गर्भवती महिलाओं को पीएचसी में भर्ती करवाना सुनिश्चित किया जाये. इसी तरह एएनएम व आशा फैसीलिटेळर का संयुक्त हस्ताक्षर सभी वीक-न्यू बॉर्न (नवजात शिशु) को चिह्नित कर एनआरसी/एसएनसीयू/एनबीएसयू में भर्ती कराया जाये. सचिव ने पत्र में कहा है कि अभी भी कई क्षेत्रों में एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं द्वारा भ्रमण करने में कोताही बरती जा रही है. ऐसे कर्मियों को चिह्नित कर तुरंत कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.
साथ ही बाढ का पानी घटने के साथ ही ब्लीचिंग पाउडर, गेमैक्सीन व चूना का छिड़काव आवश्यक रुप से कराने पर जोर देते हुए सचिव ने इसके लिये सभी पीएचसी में स्टॉक सुनिश्चित रखने का निर्देश दिया है. इसके लिये स्थानीय मुखिया व जनप्रतिनिधियों के साथ दल का गठन कर उनके पर्यवेक्षण में छिड़काव करवाया जाये. इसके लिये डीएम से समन्वय स्थापित कर छिड़काव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
