परबत्ता में दो रिंग बांध टूटा

परेशानी . पानी की तेज रफ्तार से जीएन बांध पर बढ़ा दबाव परबत्ता प्रखंड के चकप्रयाग का रिंग बांध सोमवार को टूट गया. सूचना पर पहुंचे डीएम एसपी परबत्ता पहुंचे . तब जाकर कटाव स्थल पर बालू की बोरियां पहुंचाने के काम में तेजी आयी. गोगरी : परबत्ता प्रखंड के चकप्रयाग का रिंग बांध सोमवार […]

परेशानी . पानी की तेज रफ्तार से जीएन बांध पर बढ़ा दबाव

परबत्ता प्रखंड के चकप्रयाग का रिंग बांध सोमवार को टूट गया. सूचना पर पहुंचे डीएम एसपी परबत्ता पहुंचे . तब जाकर कटाव स्थल पर बालू की बोरियां पहुंचाने के काम में तेजी आयी.
गोगरी : परबत्ता प्रखंड के चकप्रयाग का रिंग बांध सोमवार को पूरी तरह टूट गया. बांध सोमवार की रात दो बजे टूटा. इससे निकले पानी की तेज रफ्तार यदि इसी प्रकार रहेगी तो शायद गोगरी-नारायणपुर के जीएन बांध को भी अपने चपेट में ले लेगी. इससे सोमवार की सुबह उदयपुर ढाला के समीप रिंग बांध का पूरा हिस्सा कट कर बह गया. यद्यपि इसे बचाने के लिए लगार पंचायत व आसपास के गांवों के ग्रामीण जुट गये. बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंता भी अपने मजदूर लेकर इसे बचाने के प्रयास में जुटे रहे. रिंग बांध को बचाने के प्रयास अभी भी जारी हैं
.यदि पानी की रफ्तार के अनुसार और मार रहे लगातार पानी की रफ्तार इसी तरह रही तो इसे बचा पाना मुश्किल होगा. रविवार के दिन में करीब 2 बजे चकप्रयाग रिंग बांध टूटा और फिर तेमथा करारी का रिंग बांध रात्रि के करीब 11:30 बजे पूरी तरह ध्वस्त हो गया.
डीएम-एसपी भी करते रहे मॉनिटरिंग : डीएम जय सिंह व एसपी अनिल कुमार सिंह का काफिला सुबह में ही परबत्ता पहुंच गया. तब जाकर कटाव स्थल पर बालू की बोरियां पहुंचाने के काम में तेजी आयी. गाड़ियों से व अन्य वाहनों से नायलॉन की बोरियां लायी गयी. सैकड़ों की संख्या में युवाओं की टोलियां बोरियों में मिट्टी भरकर डालने व पेड़ों की टहनियां काटकर देने के काम में लगे रहे. ताकि पानी का फ्लो कम हो जिससे जीएन बांध को बचाया जा सके. इस दौरान कई बार ऐसा लगा कि अब आगे में भी रिंग बांध टूटा. इस दौरान बांध पर खड़े हजारों लोग बांध टूटने की बात सुन भागने भी लगते थे. इस बीच कई नेताओं के काफिले भी मौके पर पहुंचे. सोमवार की शाम छह बजे तक डीएम जय कुमार व एसपी अनिल कुमार सिंह स्वयं कटाव स्थल पर मौजूद रहे.
इस तटबंध से बड़ी आबादी को बाढ़ से सुरक्षा मिलती है. इसे बचाने को लेकर बीडीओ डॉक्टर कुंदन और सीओ कैंप किये हैं.सोमवार को गोगरी एसडीओ संतोष कुमार, एसडीपीओ राजन कुमार सिन्हा, डीसीएलआर संजय कुमार पहुंचे.एसडीओ नें पीओ को जमकर डांट लगाया उन्होंने कहा की आप विभिन्न तटबंधों को बचाने के लिए कोई काम नहीं कराये हैं. अभी टूटने की स्थिति में आए हैं. पहले कहां गए थे.एसडीओ संतोष कुमार ने कहा कि कार्य में गति लाकर सभी तटबंधों को बचाये.
एसडीओ ने बताया कि तेमथा करारी रिंग बांध देखने कोई नहीं जा रहे हैं, जबकि वह भी पूरी तरह टूट गया है. वहीं खनुआ राका के पास मुख्य बांध कट रहा है. बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी सुस्त है. कुछ देर तक चकप्रयाग रिंग बांध पर रहकर कार्य का मुआयना करते रहे
घर से सामान लेकर जाती महिला.
विधायक ने ली बचाव कार्य की जानकारी
गौरतलब है कि दो सप्ताह से चकप्रयाग रिंग बांध को बचाने को लेकर जद्दोजहद चल रही थी. पांच दिनों पूर्व ही गंगा का पानी बांध के स्तर को छू लिया था. उसके बाद से ही बाढ़ नियंत्रण विभाग व ग्रामीण मिलकर नायलॉन की क्रेट डालकर बांध को बचाने में लगे थे. नायलॉन क्रेट ही पानी रोके हुआ था. देर रात जब बांध टूटा तो अधिकांश लोग सोये हुए थे. बांध को बचाने में लगे लोगों ने शोर मचाया. सुबह होते-होते बाढ़ का पानी लगार पंचायत के उदयपुर ढ़ाला के समीप ह्यूम पाइप से इतनी तेजी के साथ निकला कि उसके प्रवाह से जीएन बांध तेजी से कटाव का खतरा बढ़ गया है.
कटाव स्थल पर जेनेरेटर के सहारे प्रकाश की व्यवस्था की गई है ताकि रात में बांध बचाने का काम रुके नहीं. दूसरी ओर विधायक रामानंद प्रसाद सिंह भी मौके पर पहुंचे. क्षेत्रवासियों को हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया. विधायक ने डीएम और एसपी से भी क्षेत्र की बचाव के लिए चल रहे कार्यों की जानकारी ली. विधायक ने बताया कि वे बाढ़ नियंत्रण विभाग के संपर्क में लगातार बने हुए हैं. स्थिति पर उनकी पूरी नजर है.

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