पहली बरसी पर मिली राशि का चेक
सीओ ने किया पीड़ितों को दिया चेक
परबत्ता : बुधवार को प्रभात खबर में छपी खबर के बाद प्रखंड के जोरावरपुर पंचायत अंतर्गत शिरोमणि टोला में गत वर्ष दबंगों के द्वारा 27 जुलाई को सामूहिक रूप से मारपीट तथा लूट के शिकार परिवारों को बुधवार को अंचल अधिकारी ने मुआवजा का चेक दिया. 60 परिवारों को मुआवजा की राशि का चेक दिया जाना था, लेकिन बुधवार को टोले में उपलब्ध 58 परिवारों को चेक दिया गया. जिला से अनुमोदन के उपरांत सरकार द्वारा जातीय विरोधाभास के कारण महादलित परिवारों का गृह एवं परिसम्पत्तियों की क्षति होने के फलस्वरूप गृह विशेष विभाग के संकल्प संख्या 8960 दिनांक 30 सितंबर 13 के आलोक में अनुदेयता राशि की स्वीकृति दी गयी थी. क्षति के आकलन के दौरान 58 परिवार उपस्थित हो पाये, जबकि 15 परिवार पलायन कर चुके थे. इसलिए अनुपस्थित रहे. इन 15 परिवारों के संपत्ति की क्षति का अभी तक आकलन नहीं हो सका है.
बरसी पर मिला मुआवजा : गत वर्ष 27 जुलाई को ही दबंगों ने पूरे टोले के महादलितों के साथ मारपीट व लूट खसोट किया था. सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने के लिए मार्च 2016 में राशि आवंटित कर दिया था, लेकिन पंचायत चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लागू हो जाने से राशि के चेक का वितरण नहीं किया जा सका. चुनाव के बाद अंचल कर्मियों का तबादला हो गया. फिर यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया था.
टीम ने किया था क्षति का आकलन
घटना में पीड़ित परिवारों को हुए क्षति के आकलन के लिए डीएम ने गोगरी के भूमि सुधार उप समाहर्ता की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया था. इस कमेटी में सीओ गोगरी, सीओ परबत्ता, सीआइ तथा हल्का कर्मचारी सदस्य थे. पीड़ित परिवारों ने कमेटी के समक्ष 35 लाख 73 हजार 700 रुपये की क्षति होने का दावा किया था, लेकिन प्रशासन ने समीक्षा के उपरांत दो लाख 82 हजार 830 रुपये की क्षति को माना. आकलन करने गयी टीम को पीड़ितों ने अपने सभी प्रकार के परिसम्पत्तियों के क्षति का दावा किया था, टीम ने सोना चांदी के जेवरातों के क्षति को नहीं माना.
