बेलदौर : जून 2017 तक हरहाल में डुमरी पुल की मरम्मती कार्य पूर्ण करें, इसमें लापरवाही अब बरदाश्त नहीं की जायेगी. उक्त बातें जिला प्रभारी सचिव सह पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार ने कार्य एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर केके रंजन को कही.
अधीनस्थ पदाधिकारियों के साथ डुमरी पुल समीप कोसी नदी के सोनवर्षा घाट पहुंचकर हो रहे सरकारी नावों के परिचालन एवं डुमरी पुल मरम्मति कार्य का जायजा लेने पहुंचे जिला प्रभारी ने जब लोगों को जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करते देखा तो इसके लिऐ कार्य एजेंसी को जिममेवार ठहराते हुए उन्होंने कहा कि डुमरी पुल मरम्मति कार्य का कार्यादेश मिलने के बाद 18 माह की कार्यावधि पूरी हो गयी, लेकिन किये जा रहे मरम्मति कार्य की स्थिति संतोषजनक नहीं है. कोसी की लाइफलाईन को ससमय दुरूस्त किया जाना महत्वपूर्ण था. इसके बावजूद कार्य एजेंसी द्वारा काम को समय पर पूरा नहीं किया गया.
वहीं कार्य एजेंसी ने मरम्मति कार्य क्षतिग्रस्त डुमरी पुल पर हो रहे अस्थाई परिचालन को बंद करने विलंब होना एवं कोसी नदी के यूटर्न लेने से होने वाले परेशानी की बात बताते हुए निर्धारित समय तक कार्य पूरा हो जाने का भरोसा दिलाया. वहीं श्री कुमार ने सरकारी नाव के परिचालन की पूरी जानकारी लेने के बाद नाराजगी जतायी कि चारोें सरकारी नाव का परिचालन सोनवर्षा घाट से डुमरी घाट के बीच हो रहा है, इसके कारण पांव पैदल लोग सरकारी नाव की सुविधा नही ले पाते है इन्हे निजि नाव के सहारे ही उसराहा घाट पहुंचकर गंतव्य तक जाने में राहत मिलती है.
एप्रोच पथ पर फैला बाढ़ का पानी : नाविकों ने अधिकारी को कहा कि उसराहा घाट से सड़क तक जाने वाले एप्रोच पथ पर बाढ का पानी फैल गया है.
प्रभारी सचिव ने नाव संचालकों को कडे शब्दों में बताया कि जब निजी नाव चलती है तो सरकारी नाव क्यों नहीं उसराहा घाट तक चलेगी. उन्होंने अधीस्थ पदाधिकारी को कम से कम एक सरकारी नाव का परिचालन सोनवर्षा से उसराहा घाट के बीच करवाने का निर्देश दिया ताकि पैदल लोगों को नदी पार करने में थोड़ी राहत मिल सके. मौके पर कार्यपालक अभियंता पुल निगम ,कार्यपालक अभियंता आरसीडी, कार्यपालक अभियंता एनएच, बाढ प्रमंडल ,एसडीओ गोगरी संतोष कुमार आदि उपस्थित थे.
