कार्रवाई के घेरे में आये कई पंचायत सचिव
अनदेखी. मामला सोलर लाइट लगाने का, आयुक्त ने डीडीसी से मांगा कार्रवाई का ब्योरा जिले के दर्जनों पंचायतों के पंचायत सचिव दोहरी कार्रवाई के घेरे में आ गये है. सोलर लाइट लगाने के क्रम में नियमों की धज्जियां उड़ायी गई. इसके आरोप में पहले तो इन पर सर्टिफिकेट केस दायर किया जा चुका है. लेकिन […]
अनदेखी. मामला सोलर लाइट लगाने का, आयुक्त ने डीडीसी से मांगा कार्रवाई का ब्योरा
जिले के दर्जनों पंचायतों के पंचायत सचिव दोहरी कार्रवाई के घेरे में आ गये है. सोलर लाइट लगाने के क्रम में नियमों की धज्जियां उड़ायी गई. इसके आरोप में पहले तो इन पर सर्टिफिकेट केस दायर किया जा चुका है. लेकिन इस कार्रवाई के बाद भी इनकी मुश्किलें और बढ़ने वाली है. राज्य सूचना आयुक्त के द्वारा एक मामले में जारी आदेश से इस बात की संभावना और बढ़ गयी है कि अब कई पंचायतों के सचिव पर आरोप गठित कर विभागीय कार्रवाई भी आरंभ की जा सकती है.
खगड़िया : आरटीआइ कार्यकर्ता शैलेंद्र सिंह तरकर ने जिला परिषद कार्यालय से सोलर लाइट के संदर्भ में विभागीय निर्देश तथा जिले में इसके अनुपालन की जानकारी मांगी थी . जानकारी अपूर्ण मिलने के बाद यह मामला राज्य सूचना आयोग में पहुंचा.
जहां सुनवाई के दौरान यह बातें निकल कर आयी कि विभिन्न योजनाओं के तहत जिले में ब्रेडा अथवा बेलट्रॉन कंपनी की सोलर लाइन लगाने का फरमान राज्य स्तर से जारी किया गया था. विभाग के इस आदेश के अनुपालन के संबंध मे जिला परिषद के लोक सूचना पदाधिकारी के द्वारा लिखित एवं मौखिक रूप से सूचना आयुक्त व आवेदक को बताया गया कि पंचायतों में इसका अनुपालन नहीं कराया गया है.
यानी चयनित कंपनी का किसी भी पंचायत में सोलर लाइट नहीं लगाया गया है. इसके बाद जब निर्देश की अनदेखी करने वाले पदाधिकारी व कर्मी पर की गयी कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो लोक सूचना पदाधिकारी द्वारा कार्रवाई के नाम पर पंचायत सचिव से योजना की राशि वसूली करने के लिए इनके विरुद्ध सर्टिफिकेट केस किये जाने की जानकारी आयोग व आवेदक को दी गयी लोक सूचना पदाधिकारी के इसी अंतिम जवाब पर राज्य सूचना आयुक्त बीके वर्मा ने असंतोष व्यक्त करते हुए पूछा कि सर्टिफिकेट केस तो दंडात्मक कार्रवाई हुई. नियम की अनदेखी करने वाले पदाधिकारी व कर्मियों के विरुद्ध जिला प्रशासन के द्वारा क्या विभागीय कार्रवाई की गयी है, इसकी सूचना दी गयी ? जिला प्रशासन के इस आधे-अधूरे कार्रवाई पर सूचना आयुक्त की असहमति के बाद इस बात की संभावना बढ़ गयी है.
नियमानुसार अब पंचायत सचिव पर विभागीय कार्रवाई आरंभ करने के लिए प्रपत्र (क) का भी गठन किया जा सकता है. मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले की सुनवाई आगामी 15 मार्च को निर्धारित है. सुनवाई के दौरान सूचना आयुक्त श्री वर्मा ने डीडीसी को सीधे आदेश देकर यह पूछा है कि सोलर लाइट के क्रम में नियमों के विपरीत क्रय करने के आरोप में दोषी कर्मचारी / पदाधिकारी को चिह्नित कर जो उन्होंने कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा डीएम से की है.
इसकी सूची व सूचना आयोग को दें. इसके पूर्व भी आयुक्त ने जिला प्रशासन से ऐसे दोषी कर्मी व पदाधिकारी के विरुद्ध की गयी विभागीय कार्रवाई की सूचना मांगी थी. सूचना आयुक्त रहने के कारण आयोग ने एक बार फिर डीडीसी से उनके द्वारा डीएम को की गयी अनुशंसा की कॉपी मांगी है. अगली सुनवाई के दिन लोक सूचना पदाधिकारी को यह भी बताना होगा कि अब तक कितनी राशि की वसूली पंचायत सचिव से हुई है.उल्लेखनीय है कि इस मामले में जांचोंपरांत पचास से अधिक पंचायत सचिव से राशि वसूली के लिए बीडीओ के द्वारा सर्टिफिकेट केस किया गया है.
हालांकि वसूली की स्थिति अच्छी नहीं है. जानकार बताते है कि सर्टिफिकेट केस के विरुद्ध आरोपी पंचायत सचिव हाई कोर्ट गये हुए है. जहां तक आरोप गठित किये जाने का सवाल है. मात्र खगड़िया प्रखंड के सात पंचायत सचिव के विरुद्ध ही सर्टिफिकेट केस के अलावे इन पर विभागीय कार्रवाई आंरभ के लिए प्रपत्र (क) गठित किया गया है. प्रमंडलीय आयुक्त के आदेश पर इन पर आरोप गठित हुआ था. शेष अन्य प्रखंडों में कार्रवाई के नाम पर मात्र सर्टिफिकेट केस ही दायर किया गया है. लेकिन अब सूचना आयुक्त के आदेश के बाद इनकी मुश्किलें शायद और बढ़ जायेगी .
8 से 11 मार्च तक भरे जायेंगे फॉर्मं
खगड़िया. स्नातक पार्ट वन व पार्ट टू विषय में प्रमोटेड छात्र -छात्रा आगामी 11 मार्च तक फॉर्म भर सकते हैं. कोसी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ रामपूजन सिंह ने बताया कि विलंब शुल्क के साथ छात्र 16 मार्च तक फॉर्म भर सकते हैं.
